प्यार की डोर से बंधा रिश्ता कब दुर्व्यवहार का रिश्ता बन जाए इस बात का पता लगाना जरूरी है। हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव होते हैं, मगर आपका पार्टनर ऐसी हरकतों पर उतर जाए जिससे आपको न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक पीड़ा भी झेलनी पड़े, तो वो रिश्ता खत्म कर देना ही अच्छा होगा। हिंसक रिश्ता आपके मान-सम्मान को गहरी चोट पहुंचाता है। इसे सहना यानी स्वयं को झुका लेना ही है इसलिए ऐसे रिश्तों से बाहर निकल जाना आपके और आपके पार्टनर दोनों के लिए अच्छा होता है। तो चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप हिंसक रिश्ते की पहचान कर सकते हैं। चलिए जानते हैं।
धमकी देना
कई बार पार्टनर ऐसी बातें कह देते हैं ऐसे लगता है कि वो कोई धमकी दे रहे हों, हर बात को लेकर आपको गलत ठहराना, गलतियां आप पर डालना और आपको छोड़कर जाने की बात कहकर डराना। अगर आपका पार्टनर भी ऐसी बातें बार-बार दोहरा रहा है तो आपको उस रिश्ते को आगे बढ़ाने से पहले एकबार सही से विचार जरुर कर लें।

फिजिकल रिलेशन बनाने का प्रेशर
अब्यूसिव पार्टनर की पहचान का सबसे बड़ा संकेत यह होता है कि यौन संबंध बनाने के लिए जबरदस्ती करना। ऐसे पार्टनर को दूसरे पार्टनर की सहमति की जरूरत नहीं होती है। कई बार सेक्शुअल एक्टिविटीज में वो पार्टनर से अजीब डिमांड्स भी करते हैं। यदि ऐसा है, तो समय रहते ही आप सतर्क हो जाएं।
घर की चीजों पर गुस्सा दिखाना
गुस्सा वैसे ही एक घातक अवस्था है। इसमें लोग खुद पर नियंत्रण करना ही भूल जाते हैं, लेकिन अपना गुस्सा किसी और पर दिखाना सही नहीं है। अक्सर देखा गया है कि यदि एक पार्टनर को गुस्सा ज्यादा आता है, तो वह दूसरे की ओर उन्हें चोट पहुंचाने की कोशिश में आगे बढ़ता है, लेकिन ऐसा न करके वह घर की चीजों पर गुस्सा उतार लेते हैं, जैसे घर के सामान को फेंकना, दरवाजा पटकना या दीवार पर मुक्का मारना।
कंट्रोलिंग नेचर
इसमें पार्टनर आपकी हर चीज पर ध्यान देने लगते हैं, वे यह चाहते हैं कि आप उनकी मर्जी से या उनकी पसंद से सब कुछ करें। कंट्रोलिंग बिहेवियर में वे आपके कपड़ों से लेकर पर्सनल लाइफ तक को कंट्रोल करना शुरु हो जाते हैं। ऐसे पार्टनर आप कहां, किससे मिल रही हैं, जैसी सभी चीजों की डिमांड करते हैं। इस तरह के पार्टनर आपको सोशल मीडिया से भी दूर रहने के लिए जबरदस्ती करने लगते हैं।
ऐसे रिश्तों से निकलें कैसे
सीमाएं बनाए
कई बार रिश्ते ऐसे मोड़ ले लेते हैं कि उनमें समझौता करना जरूरी हो जाता है ऐसे में इन्हें सहन करने से बेहतर है कि कुछ सीमाएं तय कर ली जाएं।

ब्रेक लें
पार्टनर की हरकतें आपको परेशान और मेंटली डिसटर्ब करती हैं तो रिश्ते से ब्रेक लेकर खुद के लिए स्टैंड लें। ऐसे रिश्तों से बाहर निकलने से घबराएं नहीं।
विरोध करें
जहां आपको सही लगे या खुद के साथ गलत होने का एहसास हो, तो उन बातों पर विरोध करना सीखें।
