स्वाइन फ्लू (H1N1) एक प्रकार का संक्रमण है जो फ्लू (इन्फ्लूएंजा) वायरस की वजह से पैदा होता है। वहीं इसे स्वाइन फ्लू के नाम से इसलिए जाना जाता है क्योंकि यह सूअरों (स्वाइन) को प्रभावित करने वाले फ्लू वायरस है। बता दें कि यह वायरस सूअरों में फेफड़े (श्वसन) की बीमारी की वजह बनता है। हालांकि यह वायरस मनुष्यों में होने वाला श्वसन संक्रमण का कारण भी बनता है। ऐसे में छतीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। हाल ही में तीन नए मरीजों की पुष्टि हुई है, जिनमें से दो बिलासपुर और एक कोटा का है। इससे जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 22 तक पहुंच गई है।
स्वाइन फ्लू के नए मरीजों की हालत गंभीर
स्वाइन फ्लू के नए मरीजों में से एक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे अपोलो अस्पताल से रायपुर रेफर किया गया है। इसके अलावा कोटा क्षेत्र के एक संक्रमित का पहले से होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा था और अब उसके संपर्क में आए भाई को भी आइसोलेशन में रखा गया है। इससे पहले रतनपुर और बिल्हा में भी एक-एक संक्रमित मिल चुके हैं।
स्वाइन फ्लू से वृद्ध की गई जान
स्वाइन फ्लू का दायरा अब बिलासपुर शहर से आसपास के क्षेत्रों में भी फैलने लगा है। जांजगीर-चांपा और कोरिया जिले में भी इस बीमारी के मरीज सामने आए हैं, जिनमें से एक वृद्ध की मौत हो चुकी है।
डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने अब तक संक्रमितों का होम आइसोलेशन और अस्पतालों में इलाज सुनिश्चित किया है। कांटेक्ट ट्रेसिंग के माध्यम से अन्य संभावित संक्रमितों की पहचान और इलाज की प्रक्रिया जारी है। इस समय स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन स्वाइन फ्लू के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रहे हैं। वहीं स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
