आये दिन सरकार की तरफ से पौष्टिक आहार को लेकर कई तरह की योजनाएं बनती हैं। अब ऐसे में देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों की कैंटीन में पौष्टिक खाना बनाने को लेकर एक एडवाइजरी जारी की गयी है। दरअसल यूजीसी ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की अनहेल्दी खाने की रिपोर्ट के तहत छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कैंटीन में अनहेल्दी खाना बेचने पर रोक का निर्देश दिया है।
सोमवार को लिखा गया पत्र
बता दें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का यह निर्देश इंजीनियरिंग, मेडिकल, आर्किटेक्चर समेत अन्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की कैंटीन पर लागू किया जायेगा। यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की तरफ से सोमवार को सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों को पत्र लिख कर ये जानकारी दी गयी है।
अनहेल्दी खाने की बिक्री नहीं होगी
दरअसल यूजीसी ने उच्च शिक्षा संस्थानों को नोटिस जारी कर कहा है कि वो अपने कैंटीन में अनहेल्दी खाने को न बेचें। साथ ही इसकी बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगायी जाये। बता दें आईसीएमआर की 2020-2023 की रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़ों का हवाला देते हुए, जिसमें बताया गया है कि भारत में चार में से एक व्यक्ति या तो मोटापे से ग्रस्त है या मधुमेह, प्री-डायबिटिक है, यूजीसी ने राष्ट्र के लिए अच्छे स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण महत्व पर जोर दिया है।
स्वस्थ भोजन को बढ़ावा देने की अपील की गयी
हेल्थ से जुड़ी इन चुनौतियों के जवाब में एनएपीआई ने अनहेल्दी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने और कैंटीनों में पौष्टिक भोजन देने के बढ़ावे का अनुरोध किया है।
