आज कल के लाइफस्टाइल को देखते हुए महिलाओं को कई तरह की शारीरिक दिक्कत होती हैं। ऐसे में उहे कई बार अपने रिश्ते में भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दरअसल फीजिकल हेल्थ को मेनटेन रखने के साथ ही आपको सेक्शुअल हेल्थ का भी ध्यान रखने की जरूरत होती है कुछ महिलाओं को अक्सर यूट्रस से जुड़ी समस्याएं रहती हैं। इसलिए महिलाओं को अपनी वेजाइनल हेल्थ अधिक ध्यान रखने की जरूरत है। वहीँ आज कल सर्वाइकल कैंसर के काफी मामले देखने को मिलते हैं, ऐसे में इससे बचने के लिए आपको PAP SMEAR test कराने की जरूरत होती है। इस टेस्ट को कराने से न केवल सर्वाइकल कैंसर बल्कि, अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की भी जानकारी मिल जाती है। तो आज इसी के बारे में जानते हैं गाइनोक्लॉजिस्ट डॉ. सुगंधा भाटिया से।
आखी क्या होता है Pap Smear Test
डॉ. सुगंधा भाटिया के मुताबिक पैप स्मीयर टेस्ट एक प्रकार का ऐसा टेस्ट है, जो आमतौर पर महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के बारे में जाने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट को करने के दौरान महिलाओं के यूट्रस के निचले हिस्से की कोशिकाओं का सैंपल लेना होता है। इस टेस्ट के दौरान वेजाइना में एक डिवाइस लगाकर इसकी जांच की जाती है। वहीँ इस टेस्ट को करने में बहुत कम समय लगता है। 30 वर्ष से उपर की महिलाओं में यह टेस्ट किए जाने के साथ ही साथ एचपीवी (HPV) वायरस का भी टेस्ट किया जाता है।
क्यों जरूरी होता है pap smear test
बता दें महिलाएं कई बार ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) की शिकार हो जाती हैं। यह वायरस आमतौर पर सेक्स करने या फिर त्वचा से त्वचा का संपर्क होने से होती है। यह धीरे-धीरे करके सर्वाइकल कैंसर में बदल जाती है। इसलिए शुरुआती चरणों में एचपीवी इंफेक्शन और सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए PAP SMEAR टेस्ट करना जरूरी होता है। इस टेस्ट के जरिए सर्वाइकल कैंसर का पता लग जाता है। डॉ. सुगंधा के मुताबिक महिलाओं को हर 3 से 5 साल के बीच यह टेस्ट कराते रहना चाहिए।
टेस्ट कराने से पहले किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी
ऐसे में वेजाइनल क्रीम, दवाओं या फिर किसी प्रकार के ल्यूब्रीकेंट का इस्तेमाल न करें
यह टेस्ट कराने से कम से कम 2 दिन पहले आपको सेक्स करने से भी बचना है
पीरियड्स खत्म होने के कम से कम 5 दिनों बाद इस टेस्ट को करा लें
