मेडिकल के क्षेत्र में आए दिन हमें चमत्कार देखने को मिलता हैं। जहां हम जीने की उम्मीद छोड़ देते हैं वहीं कई बार डॉक्टर कुछ ऐसा कर जाते हैं कि मरीज को दोबारा से एक हेल्दी जिंदगी जीने की उम्मीद बढ़ जाती है। ऐसे में डॉक्टर को भगवान का एक रूप मानना कोई गलत नहीं है। दरअसल हाल ही में कोलकाता के अपोलो कैंसर सेंटर में डॉक्टरों ने गुर्दे यानी किडनी के ट्यूमर से पीड़ित 70 वर्षीय व्यक्ति की एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी से इलाज कर सफलता हासिल किया है। चलिए इसके बारे में जानते हैं।
गुर्दे के ट्यूमर से पीड़ित था मरीज
बता दें कि कोलकाता के अपोलो कैंसर सेंटर (एसीसी) में डॉक्टरों ने जिस व्यक्ति का एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी की मदद से गुर्दे के ट्यूमर का इलाज किया है, उसका नाम दुलाल दत्ता है। उसकी उम्र 70 साल है। जब वो अपोलो कैंसर सेंटर में इलाज के लिए आया तो डॉक्टरों ने जांच में पाया कि उसे ट्यूमर है। जो उसके शरीर की सबसे बड़ी नस और उसके दाहिने गुर्दे को प्रभावित कर रहा था। बता दें कि यह 3 सेमी का ट्यूमर शरीर की सबसे बड़ी नस से फैलते हुए दाहिने गुर्दे तक फैल चुका था। जिससे मरीज के शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही से नहीं हो पा रहा था। इतना ही नहीं इस वजह से व्यक्ति का दायां गुर्दा का साइज नॉर्मल गुर्दे के साइज से काफी बढ़ गया था। हालांकि व्यक्ति पहले से ही किडनी फेलियर, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की समस्या से परेशान था।
डॉक्टरों ने किया ट्यूमर का रोबोटिक सर्जरी
बता दें कि कोलकाता के अपोलो कैंसर सेंटर में डॉक्टरों ने रोबोटिक रेडिकल नेफ्रेक्टोमी विद इन्फीरियर वेना कावा थ्रोम्बेक्टोमी के जरिए पेशेंट के बड़े ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। हालांकि पेशेंट को सर्जरी के बाद 6 दिनों तक डॉक्टर की देखरेख में अस्पताल में रखा गया। जिसके बाद वह अपने घर चल गया। वहीं अब उस पेशेंट की तबीयत बेहतर है।
यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जन ने बताया
कोलकाता के अपोलो कैंसर सेंटर में सीनियर कन्सल्टन्ट यूरो-ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक सर्जन डॉ. तरुण जिंदल ने बताया कि रोबोटिक तकनीक से एक बार फिर सफलतापूर्वक एक जटिल ट्यूमर का इलाज किया किया गया है। इतना ही नहीं यह सर्जरी सटीक और कम नुकसान के साथ ट्यूमर को हटाने में काफी हेल्पफूल है। साथ ही उन्होंने बताया कि पेशेंट सर्जरी और उपचार के बाद काफी तेजी से रिकवर किया है। इतना ही नहीं अब वह पहले की तरह जीवन जीना शुरु कर दिया है। वहीं यह का रोबोटिक सर्जरी न केवल सर्जिकल रिजल्ट को बेहतर बनाता है बल्कि यह पोस्टऑपरेटिव जटिलताओं को भी कम करने में मदद करता है।
