डेंगू संक्रमण एक ऐसा वायरस है जो पूरी दुनिया में 100 से अधिक देशों में होने वाली एक सामान्य समस्या है। इतना ही नहीं करीब 3 बिलियन लोग डेंगू से प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं। ऐसे में डेंगू संक्रमण की रोकथाम और इलाज के लिए भारत ने पहला स्वदेशी डेंगू रोधी टीका तैयार कर लिया है। जी हां अमेरिका से मिले वायरस स्ट्रेन से विकसित स्वदेशी एंटी डेंगू वैक्सीन की पहली जांच सफल रही। चलिए इस एंटी डेंगू वैक्सीन के बारे में जानते हैं।
वैक्सीन का 60 लोगों पर गया सफल परीक्षण
पुणे में स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने हाल ही में हुई एक्सपर्ट वर्किंग कमिटी मीटिंग में बताया कि उन्होंने एंटी डेंगू वैक्सीन परीक्षण के लिए 60 लोगों पर पहली सफल ट्रॉयल कर लिया है। जिसके बाद उन सभी 60 लोगों को 6 महीने तक निगरानी रखा गया। जिसमें पाया गया कि टीका पूरी तरह सेफ और वायरस के सभी चार स्ट्रेन पर ईफेक्टिव रहा है। इतना ही नहीं अब सेंट्रल ड्रग्स स्टैन्डर्ड कंट्रोल ऑर्गनाईजेशन ने भी वैक्सीन की दूसरे ट्रॉयल की अनुमति दे दी है।
डेंगू के चार स्ट्रैन पर वैक्सीन असरदार
बता दें कि इस स्वदेशी वैक्सीन को तैयार करने के लिए अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इनफेक्शियस डिजीज ने SII को डेंगू वायरस के आइसोलेट स्ट्रेन दिए। जिसके बाद भारत में टेट्रावेलेंट लाइव एटेन्यूएटेड डेंगू रोधी टीका बना। वहीं इस वैक्सीन की पहली जांच 25 मई 2019 से 29 दिसंबर 2023 तक तक पूरा किया गया है। जांच के दौरान डेंगू के डेन 1, डेन 2, डेन 3 और डेन 4 स्ट्रेन से संक्रमित लोगों को लिया गया। हालांकि इन चारों स्ट्रैन पर वैक्सीन काफी असरदार साबित हुआ।
साल 2026 में व्यावसायिक रूप से वैक्सीन लॉन्च
हाल ही में IIL ने साल 2026 की शुरुआत में वैक्सीन को व्यावसायिक रूप से लॉन्च करने की आशा जताई है। दरअसल भारत में केवल SII ही नहीं बल्कि इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटिड (IIL) भी डेंगू टीका पर काम कर रहे हैं। जिस वजह से अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने भी आवश्यक वायरस की मदद दी है।
अस्पतालों में किया जाएगा दूसरा वैक्सीन परीक्षण
SEC यानी एक्सपर्ट वर्किंग कमिटी के सीनियर मेम्बर के मुताबिक अभी भी स्वदेशी वैक्सीन का और दो परीक्षण किया जाना है। जोकि अब दूसरे स्टेज में देश के अस्पतालों में जांच का काम अगले कुछ महीने में शुरू किया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अस्पतालों में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या पर्याप्त मिलेंगे। हालांकि इसमें दिल्ली एम्स, पीजीआई चंडीगढ़ और सीएमसी वेल्लोर क्व अस्पताल शामिल हैं।
