कई बार पेट में दर्द, सूजन का होना और कब्ज की समस्या होना किसी खास तरह के हेल्थ इशू को रेज करता है। कहने का मतलब अगर आपको इस तरह के कोई लक्षण देखने को मिलते हैं तो आईबीएस यानी कि इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की परेशानी हो सकती है। यह एक बहुत ही आम विकार है जो लार्ज इंटेस्टाइन को प्रभावित करता है। इस समस्या के कारण पाचन तंत्र पूरी तरह से डिस्टर्ब हो जाता है। वहीँ अगर आप आईबीएस से पीड़ित है और चाहते हैं कि इससे आपको परेशानी झेलनी न पड़े तो आपको अपने लाइफ स्टाइल और खानपान में बदलाव करने होंगे। तो आज इसी से जुडी बातें जानेंगे कि क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।

IBS की समस्या में क्या खाना सही है

बता दें अगर आपको आईबीएस है तो जितना हो सके आप पानी का सेवन करे। शरीर में तरल पदार्थ सही मात्रा में रहने से बोवेल मूवमेंट सही होता है। आंतों में भोजन की आवाजाही बिना रुकावट होती है और इससे मोशन भी सही तरह से आते हैं और आपको कब्ज से राहत मिलती है।

वहीँ खाने की बात करें तो उसमे फाइबर की मात्रा ज्यादा रखें। फलों और सब्जियों को डाइट में शामिल करें। इसमें घुलनशील फाइबर होते हैं जो पाचन को दुरुस्त बनाने का कम करते हैं। इसके लिए आप संतरा कीवी, सेब जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं। सीमित मात्रा में दही का सेवन करना भी सही है। इसके साथ ही आप फ्लैक्स सीड्स को भी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

खाने की किन चीजों को दूर करें

आईबीएस में आपको बींस, मटर जैसे फूड आइटम्स नहीं खाने चाहिए। हालांकि इसमें फाइबर भरपूर होते हैं लेकिन आईबीएस में इन्हें खाने से बचना चाहिए। वहीँ क्रूसिफेरस सब्जियां जैसे पत्ता गोभी, फूल गोभी, ब्रोकली, ब्रुसेल्स स्प्राउट का सेवन भी न करें क्योंकि इनमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है और यह इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम को बढ़ा सकते हैं। लहसुन का सेवन भी न करें, इसमें मौजूद फ्रैक्टेन आंतों में जाकर समस्या पैदा कर सकता है।

स्पाइसी फूड खाने से बचना चाहिए। ज्यादा तेल मसालेदार खाना खाने से पेट में जलन की समस्या बढ़ सकती है। वहीं आईबीएस में कार्बोनेटेड ड्रिंक का सेवन भी नहीं करना चाहिए। यह आंतों पर उत्तेजक प्रभाव डालते हैं और दस्त का कारण बन सकते हैं। दूध पनीर मलाई,टमाटर को खाने से बचना चाहिए।

By tnm

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