बच्चों के लिए दूध पीना बहुत अच्छा माना जाता है। वहीँ दूध अगर बड़े भी अपनी डाइट इ शामिल कर लें तो वे कैल्शियम और अन्य सेहत से जुडी बिमारियों से बच सकते हैं। लेकिन आपको बता दें अगर आप हद से जयादा दूध का सेवन करते हैं तो ये सेहत को फायदा देने की बजाय नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में कितना दूध पीना सेहत के लिए सही है जानते हैं।
दूध में विटामिन डी, कैल्शियम और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है जो शरीर और हड्डियों को मजबूत बनाता है। डॉक्टर भी सभी को दूध पीने की सलाह देते हैं। वहीँ हर रोज इसका सेवन करने से शरीर में हार्मोन असंतुलन हो सकता है। दरअसल दूध में काफी मात्रा में फैट और कैलोरी होती है जो वजन को बढ़ाने का काम तेजी से करती है। वहीँ 1 कप दूध में 5 ग्राम फैट और 152 कैलोरी होती है। इसमें भारी मात्रा में लैक्टोज होने के कारण ये प्राकृतिक शर्करा होती है। इससे आपका वजन तो बढ़ता ही है साथ ही आपको कई अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।
एक दिन में कितना दूध पीना सही माना गया
दरअसल दूध पीने की क्षमता व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और उम्र के अनुसार अलग-अलग होती है।
3 साल तक के बच्चे – 300 से 500 मिली दूध
4 से 10 वर्ष की आयु – 400 से 600 मिलीलीटर दूध
11 वर्ष से 18 वर्ष – 500 मिलीलीटर से 700 मिलीलीटर दूध
18 वर्ष से अधिक आयु – 1 से 2 गिलास दूध
ज्यादा दूध पीने के नुकसान
पेट संबंधी परेशानी होना
रोजाना दूध पीने से लोगों को पेट संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इससे पेट में गैस, पेट फूलना, दस्त या कब्ज हो सकता है। वहीँ दूध पीने से अच्छे और बुरे बैक्टीरिया के बीच असंतुलन हो जाता है जिससे ये पेट संबंधी प्रॉब्लम सामने आती है।
पाचन से सही नहीं होता है
दूध के अधिक सेवन से लोगों को पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसमें मौजूद लैक्टोज के कारण लोगों का हाजमा खराब हो जाता है। खराब पाचन से उल्टी और बेचैनी जैसी स्तिथि हो सकती है।
त्वचा संबंधी समस्याएं
अगर आपको मुंहासे और पिगमेंटेशन जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं हो रही हैं तो आज से दूध का सेवन कम कर दीजिये। दरअसल दूध के अधिक सेवन से स्किन एलर्जी की समस्या हो जाती है, जिससे शरीर पर जगह-जगह दाने निकल आते हैं।
लिवर से जुड़ी समस्याएं
अगर आपको लिवर से जुड़ी कोई समस्या या बीमारी है तो आपको दूध का सेवन न के बराबर ही करना चाहिए। दूध में वसा प्रचुर मात्रा में होने के कारण लिवर दूध को ठीक से पचा नहीं पाता है जिसके कारण लिवर में सूजन होने का खतरा बढ़ जाता है।
