सुबह-सुबह ब्रेड और चाय खाना बहुत से लोगों पसंद होता है। कुछ लोग व्हाइट ब्रेड तो कुछ ब्राउन ब्रेड खाते हैं। उनका मानना है कि नॉर्मल ब्रेड की तुलना में ब्राउन ब्रेड सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। इसे खाने से शरीर को कई लाभ मिलते हैं। ऐसे में सवाल यह आता है कि क्या वाकई ब्राउन ब्रेड (Brown Bread) ज्यादा हेल्दी होता है और आखिर यह व्हाइट ब्रेड से अलग कैसे होता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।
ब्राउन ब्रेड क्यों हेल्दी होता है
व्हाइट ब्रेड की तुलना में ब्राउन ब्रेड इसलिए ज्यादा जल्दी ऑप्शन होता है, क्योंकि यह गेहूं से बनता है, जबकि व्हाइट ब्रेड रिफाइंड ग्रेन से बनाई जाती है। हेल्थ कॉन्शियस लोग ब्राउन ब्रेड का सेवन कर सकते हैं।

इसलिए ज्यादा हेल्दी ब्राउन ब्रेड
. ब्राउन ब्रेड साबुत गेहूं के आटे से बनाई जाती है इसलिए यह ज्यादा फायदेमंद होती है।
. ब्राउन ब्रेड में नैचुरली ज्यादा खनिज पाया जाता है, जिससे अलग से विटामिन और मिनरल्स मिलाने की जरूरत नहीं होती है।
. ब्राउन ब्रेड होल वीट यानी गेहूं के आटे से बनती है, इसे बनाने के लिए आटे से चोकर भी नहीं हटाया जाता है, इसलिए इसमें फाइबर ज्यादा होता है।
. ज्यादा फाइबर के कारण ब्राउन ब्रेड सॉफ्ट नहीं होता, क्योंकि इसे ज्यादा प्रॉसेस नहीं किया जाता।
क्या हर तरह की ब्राउन ब्रेड फायदेमंद है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रोसेस्ड ग्रेन को होल ग्रेन के साथ मिलाकर खाने से ज्यादा नुकसान नहीं होता है, लेकिन यदि ब्राउन ब्रेड या डार्क कलर ब्रेड होने का मतलब यह नहीं होता कि वह वाकई पौष्टिक हो या होल व्हीट से बना हो। हर तरह की ब्राउन ब्रेड एक तरह से नहीं बनाई जाती है, इसलिए यदि सिर्फ रंग देखकर ब्रेड को हेल्दी मान रहे हैं तो यह एक भूल हो सकती है।
क्या सफेद ब्रेड नहीं खानी चाहिए?
सफेद ब्रेड भी खा सकते हैं बस उसमें ब्राउन ब्रेड की तुलना में कम न्यूट्रीशन होते हैं। ब्राउन ब्रेड जब भी चुने तो उसके लेबल पर 100% होल व्हीट या होल ग्रेन लिखा होना चाहिए। ऐसी ब्रेड में फाइबर, मैग्नेशियम, विटामिन-ई और कुछ फैटी एसिड्स मिल जाते हैं जो शरीर के लिए फायेदमंद होते हैं।

