बाहर का खाने का मन सभी का करता है। हमें पता होता है कि वे चीज हमारे लिए हेल्दी नहीं है फिर भी हम उस चीज का सेवन करते हैं। आपको बता दें कि पिज्जा,आइसक्रीम, इंस्टेंट रेमन और चॉकलेट या डिओडोरेंट, शैम्पू, टूथपेस्ट, लिपस्टिक, पशु चारा और जैव ईंधन में पाम ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है।
जानकारी के अनुसार ताड़ के फल के गूदे से निकला पदार्थ पाम तेल कहलाता है। ये ज्यादातर अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण पूर्व एशिया में उष्णकटिबंधीय जलवायु में उगाया जाता है। करीब 90% पाम तेल का उपयोग खाद्य उपभोग में, बाकी 10% का उपयोग औद्योगिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
फैट से भरपूर
पाम तेल फैट से भरा होता है इसमें लगभग 50% फैट होता है। इस कारण एलडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। इसे खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स में माना जाता है और दिल से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा भी हो सकता है।
इसकी वजह से शरीर में रक्त के थक्के जमने धीमे हो सकते हैं। यदि दूसरी दवाओं के साथ लेते हैं तो चोट और रक्तस्राव का जोखिम बढ़ सकता है, जिसके कारण रक्त के थक्के जमने धीमे हो सकते हैं।
