गर्मियों के मौसम में शायद ही कोई होगा जो आम न खाता हो। अगर आप भी आम के शौकीन है तो यह खबर आपके लिए है। बता दें कि इन दिनों आम को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का यूज किया जाता है। इस दौरान भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने फल बेचने वालों को चेतावनी दी है कि वे इसका यूज न करें। FSSAI ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा विभागों को निर्देश दिया है कि वे इस गैरकानूनी रसायन का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। FSSAI का यह कदम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। तो आइए जानते हैं कैल्शियम कार्बाइड क्या होता है और ये सेहत को कैसे नुकसान पहुंचता है।
क्या है कैल्शियम कार्बाइड
कैल्शियम कार्बाइड एक तरह का केमिकल होता है। वहीं इसका ज्यादा इस्तेमाल फलों को जल्दी से पकाने के लिए किया जाता है। दरअसल ये केमिकल फल की नमी को सूखता है और उनमें इथाइल नाम की गैस को बनाता है। ये गैस फलों के अंदर गर्मी पैदा करती है और ऐसा वातावरण बना देती है कि फल समय से पहले ही पक जाते हैं। हालांकि कैल्शियम कार्बाइड के यूज पर बैन है लेकिन ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए इसका यूज किया जाता है। यह फल को तय सीमा से पहले पका देता है और फल जल्दी बाजार में आ जाते हैं।
एथिलीन गैस से फलों को पकाना बेहतर
हालांकि FSSAI ने भारत में फलों को पकाने के लिए एथिलीन गैस के इस्तेमाल को मंजूरी दी है। वहीं केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड और पंजीकरण समिति (सीआईबी और आरसी) ने भी आम और अन्य फलों को पकाने के लिए एथेफॉन 39% एसएल नामक रसायन के उपयोग को मंजूरी दी है।
दरअसल एथिलीन एक प्राकृतिक हार्मोन है जो फलों के पकने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। यह गैस फसल, किस्म और पकने के आधार पर 100 पीपीएम (100 μl/L) तक की सांद्रता में इस्तेमाल की जा सकती है। वहीं एथिलीन का उपयोग फल को प्राकृतिक रूप से पकने में मदद करता है और यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक नहीं है।
कैल्शियम कार्बाइड से पके आम खाने से होने वाले सेहत नुकसान
बार-बार प्यास लगना
चक्कर आना
कमजोरी होना
खाना निगलने में कठिनाई होना
लिवर और कि़डनी की बीमारी होने का जोखिम बढ़ना है
कैंसर का खतरा बढ़ना
