म्यूकोसाइटिस एक ऐसी गंभीर स्थिति है, जिसमें मुंह और गले में छाले, सूजन और घाव होने लगते हैं। यह स्थिति आमतौर पर कैंसर के इलाज जैसे कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी के बुरे प्रभाव के कारण होती है। मुंह में छाले होने पर लोगों को जलन, सूजन और भोजन निगलने में कठिनाई जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। म्यूकोसाइटिस की स्थिति में लोगों को डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह अनुसार इलाज करना चाहिए, ताकि समस्या ज्यादा न बढ़े। म्यूकोसाइटिस का इलाज करने के लिए सही खानपान और देखभाल बहुत जरूरी है। ऐसे में मरीज को डाइट में ऐसे फूड्स शामिल करने चाहिए, जो सूजन और घावों को बढ़ाए नहीं, बल्कि इन्हें ठीक करने में मदद करें। हाल ही में टीवी एक्ट्रेस हिना खान को भी यही समस्या हुई थी तो चलिए ऐसे में आज आपको बताते हैं इस दौरान क्या खाना चाहिए क्या नहीं।
म्यूकोसाइटिस होने पर क्या खाएं?
म्यूकोसाइटिस से जूझ रहे व्यक्ति को अपनी डाइट में ऐसे फूड्स शामिल करने चाहिए जो न सिर्फ पौष्टिक हों बल्कि आसानी से पचने वाले भी हों।
सूप
हल्के और पतले सूप जैसे वेजिटेबल सूप, चिकन सूप और दाल का पानी बहुत ही फायदेमंद रहेगा। ये न सिर्फ पौष्टिक होगा बल्कि गले की सूजन भी कम करेगा और शरीर को हाइड्रेटेड रखेगा।

ओटमील और दलिया
यह आसानी से पचने वाला भोजन है जो पेट और गले में आराम देती है। ओटमील में मौजूद फाइबर पाचन को ठीक रखता है और शरीर को पोषण देता है।
नारियल पानी
नारियल पानी हाइड्रेटिंग होता है और इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स मौजूद होते हैं जो शरीर में तरलता बनाए रखते हैं और गले की सूजन को कम करने में भी मदद करते हैं।
सॉफ्ट फ्रूट्स
पपीता, केला और खरबूजे जैसे फल म्यूकोसाइटिस में राहत दिलवाएंगे। ये फाइबर से भरपूर होते हैं और इनमें ठंडक होती है जो घावों को कम करने में मदद करते हैं।

दही और छाछ
दही और छाछ ठंडे और हल्के होते हैं, जिससे म्यूकोसाइटिस की सूजन और जलन में राहत मिलती है। इनमें प्रोबायोटिक्स भी होते हैं, जो पाचन को सुधारते हैं और इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं।
ये चीजें न खाएं
कुछ फूड आइटम्स म्यूकोसाइटिस के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं, जिससे दर्द और सूजन और भी बढ़ सकती है।
खट्टे फल
खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू और टमाटर में एसिड की मात्रा ज्यादा होती है यह घावों को और अधिक जलन दे सकते हैं। ऐसे में एसिडिक फूड्स से पूरी तरह से बचें।

अल्कोहल और धूम्रपान
अल्कोहल और धूम्रपान म्यूकोसाइटिस की स्थिति खराब कर सकते हैं। यह न सिर्फ घावों को और बढ़ा सकते हैं बल्कि शरीर की हीलिंग प्रोसेस को भी धीमा कर सकते हैं। इसके अलावा गर्म चाय और कॉफी म्यूकोसाइटिस के दौरान गले और मुंह को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में गर्म पेय पदार्थों से भी बचें।
टाइट फूड्स
चिप्स और ड्राई फ्रूट्स जैसे टाइट फूड्स म्यूकोसाइटिस के दौरान घावों को नुकसान पहुंचाते हैं। इन्हें खाने से गले और मुंह की स्थिति और भी बिगड़ सकती है।
ये चीजें भी न खाएं
स्मूदी, मिल्कशेक और जूस, म्यूकोसाइटिस के घावों को आराम देने में मदद करते हैं। इसके अलावा अगर सॉलिड फूड्स खाना मुश्किल हो तो उन्हें आप ब्लेंड करके सूप या प्यूरी बनाकर खा सकते हैं। इससे पोषण भी मिलेगा और गले में जलन भी नहीं होगी।
मसालेदार भोजन
चटपटा और मसालेदार खाना म्यूकोसाइटिस के दौरान जलन बढ़ा सकता है। मिर्च, गरम मसाले और तले हुए फूड्स से पूरी तरह से बचें।

इस बात का भी रखें ध्यान
म्यूकोसाइटिस एक दर्दनाक स्थिति है, लेकिन सही डाइट और खानपान के जरिए आप इससे बचाव कर सकते हैं। पौष्टिक और हल्की डाइट चुनकर, मसालेदार और टाइट फूड्स से बचकर और हाइड्रेशन का ध्यान रखकर म्यूकोसाइटिस के लक्षणों में राहत पाई जा सकती है। साथ ही, ध्यान रखें कि किसी भी नई डाइट या उपचार से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।
