इन दिनों लगातार दुनिया के अलग अलग जगहों से एमपॉक्स के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर फिलिपींस में मंकीपॉक्स के दो और मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने सतर्कता बढ़ा दी है। फिलिपींस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि दोनों नए संक्रमितों में क्लैड 2 वायरस की पहचान हुई है। इसके साथ ही देश में एमपॉक्स के मामलों की संख्या तीन हो गई है। इस बढ़ते खतरे के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्रालय ने आवश्यक जांच और बचाव के उपाय तेज कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
फिलिपींस के स्वास्थ्य मंत्री टेओडोरो हर्बोसा ने बताया कि मनीला में इन मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से एक संक्रमित 37 वर्षीय पुरुष है, जिसके चेहरे पर पिछले सप्ताह चकत्ते दिखाई दिए थे। उसे मनीला के सरकारी अस्पताल में लाया गया, जहां जांच में मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई। दूसरा संक्रमित 32 वर्षीय युवक है, जिसके शरीर पर घाव थे और उसे भी जांच के बाद एमपॉक्स की पुष्टि हुई है।
बता दें कि इन मामलों से पहले, पिछले सप्ताह फिलिपींस में एक 33 वर्षीय युवक में मंकीपॉक्स का संक्रमण पाया गया था। उस युवक को एक हफ्ते से तेज बुखार था, जो बाद में गंभीर त्वचा संक्रमण में बदल गया। बुखार के चार दिन बाद उसके चेहरे, पीठ, गर्दन, धड़, कमर के साथ-साथ हथेलियों और तलवों पर बड़े-बड़े दाने उभर आए। जांच में मंकीपॉक्स का संक्रमण मिलने पर उसे तुरंत आइसोलेट कर इलाज शुरू किया गया। तीनों मरीजों का फिलहाल आइसोलेशन में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
एमपॉक्स के खतरे को देखते हुए WHO का अलर्ट
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए एमपॉक्स को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। यह घोषणा अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहे मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए की गई थी। इसके बाद अब इस वायरस के मामले एशियाई देशों में भी देखने को मिल रहे हैं। फिलिपींस से पहले, 16 अगस्त को पाकिस्तान में मंकीपॉक्स के तीन मामले सामने आए थे। ये तीनों मरीज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की यात्रा से लौटे थे। इसके अलावा 15 अगस्त को स्वीडन में भी मंकीपॉक्स का मामला सामने आया था, जो अफ्रीका के बाहर पाया गया पहला मामला था।
एमपॉक्स का प्रसार और संक्रमण के कारण
एमपॉक्स एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है जो संक्रमित जानवर या वायरस से संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से तेजी से फैलती है। संक्रमित व्यक्ति के घाव, खांसी, छींक से निकलने वाली ड्रॉपलेट्स या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से यह वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। इसके अलावा वायरस के संपर्क में आई सतहों या कपड़ों को छूने से भी संक्रमण का खतरा रहता है।
बचाव और जागरूकता की आवश्यकता
फिलिपींस में बढ़ते मामलों के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने जागरूकता बढ़ाने और बचाव के उपायों को सख्ती से लागू करने की योजना बनाई है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें और साफ-सफाई का ध्यान रखें। साथ ही संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
एमपॉक्स के प्रसार को रोकने के लिए सावधानी और त्वरित उपाय ही सबसे कारगर साधन हैं। फिलिपींस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस दिशा में जरूरी कदम उठाते हुए स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखने का फैसला किया है। अब देखना होगा कि इस वायरस पर नियंत्रण पाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और स्वास्थ्य क्षेत्र किस तरह से इस चुनौती का सामना करता है।
