जहां एक ओर बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए सरकार ‘हम दो, हमारे दो’ और ‘छोटा परिवार, सुखी परिवार’ जैसे नारे देकर परिवार नियोजन पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में माहेश्वरी समाज ने जनसंख्या बढ़ाने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। माहेश्वरी समाज ने दो से अधिक बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को 50,000 रुपये की एफडी और विशेष सम्मान देने का फैसला किया है। इस पहल का उद्देश्य समाज की घटती जनसंख्या को बढ़ावा देना है।
घटती जनसंख्या पर चिंता
हाल ही में अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा ने एक बैठक में यह निर्णय लिया कि तीसरा बच्चा पैदा करने वाले माहेश्वरी परिवारों को 50 हजार रुपये की एफडी दी जाएगी। इस पहल के पीछे की वजह समाज की घटती जनसंख्या है। महासभा के सर्वे में पाया गया कि देश में माहेश्वरी समाज की जनसंख्या लगभग साढ़े आठ लाख है, जबकि 20 साल पहले यह संख्या 12 लाख से अधिक थी। इस गिरावट ने समाज में चिंता पैदा कर दी, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।
विशेष सम्मान के साथ-साथ एफडी का लाभ
माहेश्वरी महासभा के कार्यसमिति सदस्य रमेश माहेश्वरी ने बताया कि तीसरा बच्चा पैदा करने वाले परिवारों को न केवल एफडी दी जाएगी, बल्कि समाज के कार्यक्रमों में उन्हें विशेष सम्मान भी मिलेगा। ऐसे परिवारों को दीप प्रज्वलन का अवसर दिया जाएगा और मंच पर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान न केवल आर्थिक लाभ प्रदान करेगा, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी उन्हें प्रतिष्ठा दिलाएगा।
परिवार नियोजन के विपरीत कदम
यह पहल सरकार के परिवार नियोजन कार्यक्रमों से उलट है, जहां बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए जागरूकता फैलाई जा रही है। माहेश्वरी समाज के इस निर्णय पर कुछ लोग हैरान भी हैं, क्योंकि यह आधुनिक समय के छोटे परिवार की अवधारणा के विपरीत है। हालांकि समाज का तर्क है कि उनके उद्योग और समाज सेवा के कामों को आगे बढ़ाने के लिए अधिक जनसंख्या की जरूरत है।
ऐप के जरिए डिजिटल कनेक्टिविटी
अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा ने पिछले साल समाज का एक ऐप लॉन्च किया था, जिसके माध्यम से प्रत्येक परिवार को डिजिटल रूप से जोड़ा गया। इस डिजिटल कनेक्टिविटी से समाज की जनसंख्या से जुड़े आंकड़े सामने आए, जिसके आधार पर घटती जनसंख्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया। महासभा के सदस्य रमेश माहेश्वरी के अनुसार, समाज ने देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर धर्मशालाएं बनवाने और अन्य सेवा कार्यों में अहम भूमिका निभाई है।
