आजकल के पेरेंट्स अपनी सुविधा के लिए बच्चे को लंबे समय तक डायपर पहनाकर रखते हैं। डायपर पहनने के कारण शिशु को प्राइवेट पार्ट में खुजली, रैशेज और जलन की समस्या होने लगती है। खासतौर पर मानसून के मौसम में डायपर रैशेज की समस्या ज्यादा होती है। इसका मुख्य कारण हवा में नमी और बैक्टीरिया का ज्यादा होना है। मानसून में यदि आपका शिशु भी डायपर रैशेज की समस्या से जूझ रहा है तो आज आपको एक्सपर्ट्स के कुछ ऐसे टिप्स बताते हैं जिनसे आप बेबी की केयर कर सकते हैं।

इसलिए होते हैं डायपर रैशेज

एक्सपर्ट्स की मानें तो पहली बार पेरेंट्स बनने वालों को इस बात की जानकारी ही नहीं होती कि मानसून में बच्चों को डायपर रैशेज होने का कारण क्या है। ऐसे में किसी भी बीमारी का इलाज तब किया जा सकता है जब उसके कारणों का पता हो। इसलिए मानसून में डायपर रैशेज क्यों होते हैं इसका कारण पता करना ज्यादा जरूरी है।

. गीली, नम त्वचा होने के कारण स्किन की बाहरी परत डैमेज हो जाती है और त्वचा पर चकत्ते आ जाते हैं।

. इस मौसम में हवा में नमी ज्यादा होती है। ऐसे में जब शिशु को डायपर पहनाया जाता है तो पसीना ज्यादा आता है और इसके कारण रैशेज की समस्या होती है।

. डायपर के कारण शिशु को पसीना और ह्यूमिडिटेशन की समस्या ज्यादा होती है।
इसके वजह से त्वचा पर चकत्ते और लालिमा की समस्या हो सकती है।

. बच्चों को मूत्र में इंफेक्शन के कारण भी डायपर रैशेज की समस्या हो सकती है।

ऐसे करें बचाव

4-5 घंटे बाद बदलें डायपर

डॉक्टर्स की मानें तो सही समय पर डायपर बदलने से नम डायपर में बैक्टीरियल और यीस्ट बनने से रोका जा सकता है। लंबे समय तक गीले डायपर के त्वचा पर रगड़ लगने के कारण होने वाली रेडनेस के कारण भी रैशेज होते हैं। इसलिए हर 3 से 4 घंटे पर डायपर को बदलते रहें।

प्राइवेट पार्ट को साफ रखें

शिशु के डायपर को बदलते समय प्राइवेट पार्ट को हमेशा पहले गीले कपड़े से पोंछकर साफ कर लें। गीले कपड़े से प्राइवेट पार्ट को साफ करने से बैक्टीरिया और इंफेक्शन वाले कीटाणुओं को खत्म करने में मदद मिलती है। इसके बाद प्राइवेट पार्ट को सूख कपड़े से साफ करें। यदि संभव हो तो प्राइवेट पार्ट को डायपर बदलने से पहले 10 मिनट खुला रखें, ताकि वह सही तरीके से सूख जाए। इस तरह भी रैशेज का खतरा कम ही होगा।

डायपर बदलने के बीच में सफाई करते रहें

एलर्जी और त्वचा के बीच की इंफेक्शन को एक बार में रोकने के लिए डायपर को बदलते हुए सफाई जरुर करें। यदि आपको ऐसा लगता है कि डायपर की रगड़ के कारण रैशेज हो रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह पर तेल या पाउडर का इस्तेमाल जरुर करें। आप चाहें तो इन रैशेज को खत्म करने के लिए क्रीम या लोशन का भी इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

ज्यादा सोखने वाला डायपर इस्तेमाल करें

वैसे तो पेरेंट्स अपने बच्चों के लिए सब कुछ अच्छा ही चाहते हैं लेकिन डायपर के मामले में वह कई बार गलती भी कर जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मानसून या फिर किसी भी सीजन में डायपर रैशेज से बचने के लिए हमेशा ज्यादा सोखने वाले डायपर का ही इस्तेमाल करें। ज्यादा सोखने वाले डायपर को बार-बार बदलने की जरुरत नहीं होती।

By tnm

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