हर पेरेंट्स चाहते हैं कि उनके बच्चे दुनिया की हर उस चीज को हासिल करें जिसकी वो कल्पना कर सकते हैं। बच्चे के जन्म के साथ पेरेंट्स उसके खाने-पीने, रोने, किलकारियां और यहां तक की सोने के पैटर्न का भी गौर करते हैं। नए पेरेंट्स ऐसा इसलिए करते हैं ताकि बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास सही तरीके से हो सके। इतना कुछ करने के बाद भी कुछ गलतियों के कारण बच्चे के दिमागी विकास को नुकसान हो सकता है। आज इस आर्टिकल के जरिए आपको डॉ. तरुण आनंद के द्वारा बताई गई ऐसी 5 चीजों के बारे में बताते हैं जो बच्चे के दिमागी विकास को प्रभावित करती है।
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नींद की कमी
दिमाग के अच्छे स्वास्थ्य के लिए नींद बहुत ही आवश्यक है। ऐसे में अपने बच्चे को पूरा आराम दिलवाने में मदद करने के लिए एक नियमित सोने का समय निर्धारित करें। बच्चे को पूरी नींद मिल सके, इसके लिए अपने बच्चे के सोने का एक पैटर्न बनाएं।
घर में न रखें तनाव का माहौल
यदि आपके घर में हमेशा तनाव का माहौल रहता है तो इससे बच्चे का दिमागी विकास भी प्रभावित होता है। पेरेंट्स के हमेशा गुस्से और चिड़चिड़े होने के कारण शिशु पर क्रोनिक तनाव बढ़ता है। इसके कारण बच्चे का मानसिक विकास अच्छे से नहीं हो पाता। ऐसे में इससे उन्हें बचाने के लिए घर में पॉजिटिव और प्यार भरा माहौल बनाएं।
खराब डाइट
6 महीने के बाद बच्चे का दिमागी विकास अच्छी तरह से हो, इसके लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है। डॉक्टर्स के अनुसार, न्यू पेरेंट्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि 6 महीने के बाद बच्चे को ठोस आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन और मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में देने चाहिए।
चीजें न सिखने की कोशिश
अपने बच्चों को ऐसी गतिविधियों में शामिल करें जो उनकी सीखने और जिज्ञासा को बढ़ावा दे। यदि आपका बच्चे को छोटी-छोटी बातें सीखने में परेशानी होती है तो समझ लें कि उसका दिमागी विकास अच्छे से नहीं हो पा रहा है। इसके लिए आप अपने डॉक्टर से मिलकर बात जरुर करें।
स्क्रीन टाइम ज्यादा होना
लंबे समय मोबाइल चलाने या फिर स्क्रीन पर गेम, वीडियो और फोटो देखने के कारण से भी बच्चे का दिमागी विकास प्रभावित होता है। जब भी बच्चा फोन चलाता है तो वो घंटों तक एक ही पोजीशन में रहता है जिसके कारण बॉडी पॉश्चर खराब हो सकता है। शिशु के दिमाग का विकास अच्छे से हो इसके लिए स्क्रीन टाइम कम करें, बच्चों के साथ गेम खेलें और उन्हें पार्क में टहलाने के लिए लेकर जाएं।
