हाल ही में गाजा से चौकानें वाला मामला सामने आया है, जहां गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने फिलिस्तीनी क्षेत्र को पोलियो महामारी क्षेत्र घोषित किया है। आपको बता दें कि यह घोषणा दक्षिणी खान यूनिस क्षेत्र और केंद्रीय गवर्नरेट से एकत्र किए गए सीवेज के नमूनों में CPV2 स्ट्रेन के वायरस की खोज के बाद की गई है। मंत्रालय ने इजरायल के सैन्य अभियान को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है, जिसने गाजा के स्वास्थ्य ढांचे को नष्ट कर दिया, जिससे इस वायरस का फिर से आगमन हुआ है।
वायरस का फैलाव और संभावित खतरे
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वायरस की उपस्थिति गाजा पट्टी और उसके पड़ोसी देशों के निवासियों के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य खतरा है और वैश्विक पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के लिए एक बड़ा झटका है। हालांकि अभी तक मानव मामलों की कोई पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सीवेज में वैक्सीन से प्राप्त पोलियोवायरस का पाया जाना इस बात का संकेत है कि यह वायरस लोगों के बीच मौजूद हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रवक्ता क्रिश्चियन लिंडमियर ने कहा कि पोलियो से संक्रमित लगभग 75 प्रतिशत लोगों में कोई लक्षण नहीं होते हैं, जिससे यह संभव है कि यह वायरस आबादी में फैल रहा हो।
इजरायली सैन्य कार्रवाई और उसकी प्रभाव
गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य अभियान ने बड़े पैमाने पर विनाश किया है, जिससे वहां की 2.4 मिलियन आबादी में से अधिकांश लोग विस्थापित हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि इजरायली आक्रमण के कारण लोग उपयोग योग्य पानी से वंचित हो गए हैं, स्वच्छता संबंधी बुनियादी ढांचे का विनाश हुआ है, टनों कचरा जमा हुआ है, और खाद्य सुरक्षा की कमी हुई है। इन परिस्थितियों ने पोलियो वायरस के फैलने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है।
पोलियो टीकाकरण अभियान की आवश्यकता
वहीं लिंडमियर ने जोर देकर कहा कि गाजा पट्टी में पोलियो टीकाकरण अभियान की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने कहा सिर्फ वैक्सीन को बेन गुरियन हवाई अड्डे पर पहुंचाना और फिर उम्मीद करना कि यह गाजा में पहुंचेगा, पर्याप्त नहीं है। इसे लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है।
गाजा में संघर्ष और जनहानि
गाजा में संघर्ष की शुरुआत 7 अक्टूबर को हमास द्वारा इजरायल पर हमले के बाद हुई। इस हमले के परिणामस्वरूप इजरायल की कार्रवाई में 1,197 लोग मारे गए, जिनमें से अधिकांश नागरिक थे। हमास ने 251 लोगों को बंदी बनाया, जिनमें से 111 अभी भी गाजा में कैद हैं, और इनमें से 39 के बारे में माना जा रहा है कि वे मारे गए हैं। हमास द्वारा संचालित क्षेत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजरायली अभियान में अब तक 39,400 लोगों की जान गई है, हालांकि यह आंकड़ा नागरिक और ऑपरेटिव मौतों का स्पष्ट विवरण नहीं देता है।
पोलियो वायरस की रोकथाम जरूरी
गाजा में पोलियो वायरस का पाया जाना और इसका महामारी क्षेत्र घोषित किया जाना एक गंभीर चिंता का विषय है। इसे नियंत्रित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि गाजा के निवासियों और आसपास के क्षेत्रों में इस गंभीर बीमारी का प्रसार रोका जा सके। WHO और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से एक व्यापक टीकाकरण अभियान की योजना बनाई जानी चाहिए।
