वैसे तो आए दिन खाद्य पदार्थों में मिलावटी के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में अगर आप भी अपने खाने में घी डालकर खाना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं तो सावधान हो जाएं। दरअसल हाल ही में उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ में 50 क्विंटल नकली घी बरामद हुई है, जो स्थानीय बाजारों में बेचा जाने वाला था। छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक कैंटर को रोका, जिसमें 25 ड्रम भरे हुए थे, और  हर ड्रम में 200 लीटर से अधिक नकली घी था। जिसके बाद इसे लैब में जांच के लिए भेजा गया है।

नकली घी खाने से सेहत को नुकसान

आज के समय में लोग ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए खाद्य पदार्थों में केमिकल और खराब से खराब चीजे मिक्स कर रहे हैं और आम जनता को बेच रहे हैं। वहीं अब एक बार फिर नकली घी में मिलावट की गंभीर समस्या सामने आई है। आपको बता दें कि नकली घी में वनस्पति तेल, जानवरों की चर्बी, स्टार्च, आर्टिफ़िशियल रंग और स्वाद शामिल हैं। ऐसे घी के सेवन से कैंसर, फूड पॉइजनिंग, लिवर और किडनी डैमेज, दिल की बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

नकली की पहचान कैसे करें

नकली घी की पहचान करना बेहद जरूरी है। वहीं FSSAI ने भी नकली घी की पहचान करने के लिए कुछ टिप्स बताएं हैं। जिसमें शामिल हैं-

टिंक्चर आयोडीन यूज करें

एक कांच की कटोरी में आधा चम्मच घी डालें और उसमें टिंक्चर आयोडीन की 2-3 बूंद डालें। अगर इसका रंग नीला होने लगे तो इसका मतलब इसमें स्टार्च मिलाया गया है। इसके अलावा शुद्ध घी का रंग सुनहरा पीला होता है, और इसमें सुगंधित गंध होती है। नकली घी में यह गंध कृत्रिम या खराब हो सकती है। शुद्ध घी ठंडा होने पर सफेद हो जाता है और गर्म करने पर पिघल जाता है। अगर घी पिघलने पर पानी जैसा दिखे तो यह मिलावटी हो सकता है।

फ्रिज में रखें

एक और तरीका है कि शुद्ध घी को फ्रिज में रखने पर यह सख्त हो जाता है और चाकू से काटा जा सकता है। अगर घी नरम रहे तो यह मिलावटी हो सकता है। इसके अलावा शुद्ध घी को आग पर गर्म करने पर यह धीरे-धीरे पिघलता है और इसमें धुआं नहीं निकलता। अगर घी जल्दी पिघल जाए और धुआं निकले, तो यह मिलावटी है। नकली घी की पहचान कर इसे खाने से बचना आवश्यक है, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

By tnm

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