आज कल बहुत से लोगों के परिवार वाले उनके इस दुनिया से जाने के बाद उनके अंगों को दान कर देते हैं। ताकि दान किये गये अंगों से किसी दूसरे की जान बच सके। कुछ ऐसा ही हुआ है बनासकांठा जिले की पालनपुर तहसील के गोला गांव निवासी कांति परमार के जाने बाद। दरअसल उनके परिवार वालों की मौत के बाद उनके तीन अंग दान कर दिए, जिसके बाद उन अंगों को तीन लोगों को ट्रांसप्लांट किये गये, जिससे उनको नई ज्नादी मिल सकी है।
ब्रेन डेड घोषित के अंग हुए दान
आपको बता दें अहमदाबाद सिविल अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित होने पर कांति परमार के परिजनों ने उनके अंगों का दान किया। इसके चलते उनकी दो किडनी और लिवर का दान लिया गया। वे सिविल अस्पताल में ब्रेनडेड होने के बाद अंगदान करने वाले 159वें ब्रेनडेड अंगदाता बन गए हैं। अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राकेश जोशी ने बताया कि कांति परमार दिहाड़ी मजदूरी करके जीवन का गुजारा चला रहे थे।
14 जुलाई को दुपहिया वाहन चलाते हुए मजदूरी के लिए जा रहे थे। लागेण गांव से बामणिया गांव के बीच अचानक दुपहिया वाहन फिसल गया, इसके चलते वह नीचे गिर गए। उनके सिर में गंभीर रूप से चोट आई। उन्हें पहले वहां से दांता के अस्पताल उसके बाद पालनपुर सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया।
वहां स्थिति में सुधार नहीं होने पर अहमदाबाद सिविल अस्पताल में 16 जुलाई को लाया गया। उनकी जांच कर चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा था। ऐसे में चिकित्सकों की टीम ने उन्हें 16 जुलाई को ही ब्रेनडेड घोषित कर दिया।
बहन और जीजा ने बचा ली दूसरों की जान
कांति परमार अविवाहित थे। उनके माता-पिता का भी देहांत हो चुका है। ऐसे में उनकी विवाहित बहन और जीजा ने इस दुख की घड़ी में भी अन्य लोगों का जीवन बच सके इस उद्देश्य से उनके अंगों के दान की स्वीकृति दी।
डॉ.जोशी ने बताया कि मेडिसिटी सिविल कैंपस में स्थित किडनी अस्पताल में भर्ती जरूरतमंद मरीजों में दान में मिली दोनों किडनी व लिवर का प्रत्यारोपण किया जाएगा, ताकि उनकी जिंदगी बचाई जा सके।
