हाल ही में अमरीका में RSV वैक्सीन की गाइडलाइन में कुछ बदलाव हुआ है। बता दें कि RSV यानी रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस एक आम श्वसन वायरस है जो आमतौर पर हल्के, सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण पैदा करता है। हालाँकि, आरएसवी शिशुओं, और बड़े वयस्कों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।
बच्चों में इस वायरस का खतरा अधिक
यह वायरस 6 महीने से कम आयु के बच्चों में ज़्यादा खतरनाक होता है। यह वायरस बच्चों के फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिससे उन्हें सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। इतना ही नहीं कई बार जरूरत पड़ने पर बच्चे को अस्पताल में भी भर्ती करना पड़ सकता है।
RSV वैक्सीन को लेकर दिए सुझाव
अमेरिका के डॉक्टरों ने RSV वैक्सीन के दिशा-निर्देशों में कुछ परिवर्तन किया है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया है कि यह टीका छोटे बच्चों के लिए सबसे ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी है। इसलिए अब ये वैक्सीन उन बच्चों को दिया जाएगा जिन्हें इस वायरस का खतरा अधिक है। वहीं यह इंजेक्शन उन बच्चों के लिए भी होगा, जिन्हें पहले से कोई स्वास्थ्य समस्याएं हैं या जो बच्चे जन्म के समय प्रीमैच्योरिटी कंडीशन में जन्म लेते हैं। डॉक्टर्स ये भी सुझाव देते हैं कि छोटे बच्चों के पेरेंट्स और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस वायरस से बचने के लिए अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि बच्चों को RSV से होने वाले खतरों से बचाया जा सके।
RSV वायरस के क्या हैं लक्षण
नाक बंद होना
नाक बहना
सूखी खांसी होना
हल्का बुखार होना
गला खराब होना
छींक आना
सिरदर्द होना
सांस लेने में दिक्कत होना
