डायबिटीज के बारे में तो पता ही है सभी को, ये एक गंभीर बीमारी है, जो अक्सर परिवारों में चलती हुई नजर आती है। ऐसे में अगर घर में किसी को डायबिटीज हो, जैसे कि माता-पिता को तो ये चिंता सताने लगती है कि कहीं बच्चों को भी बीमारी न हो जाए। अब खासतौर पर सवाल उठता है कि अगर पिता को डायबिटीज हो तो क्या बेटी को शुगर हो सकती है? तो चलिए एक्सपर्ट्स से जानते हैं।
एक्सपर्ट की राय
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही जेनेटिक्स का इसमें योगदान हो, लेकिन लाइफस्टाइल का प्रभाव कहीं ज्यादा होता है। अगर किसी के परिवार में डायबिटीज का इतिहास है तो आगे भी शुगर का शिकार होने की संभावना बढ़ जाएगी। पर ये पूरी तरह तय नहीं है कि पिता को होने वाली डायबिटीज बेटी में भी विकसित होगी। वहीं, अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन का कहना है कि टाइप-2 डायबिटीज का खतरा परिवार में होने से जरूर बढ़ सकता है। अगर बैलेंस डाइट, रोजाना एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल रखी जाए तो इसे रोका भी जा सकता है।
Diabetes के मुख्य कारण
Lifestyle
एक्सपर्ट कहते हैं कि डायबिटीज सिर्फ हेरिडिटी की वजह से नहीं होती। अगर परिवार में किसी को डायबिटीज है, तो अगली पीढ़ी को खतरा जरूर होता है। उसका मुख्य कारण होता है अनियमित दिनचर्या, मोटापा और गलत खान-पान। मेडलाइन प्लस के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज में हेरिडिटी पैटर्न स्पष्ट नहीं है, पर जिन लोगों के माता-पिता या भाई-बहन को ये बीमारी है, उनमें खतरा बढ़ जाता है।
बचने का तरीका
परिवार में डायबिटीज का इतिहास है तो सावधान रहें। विशेषज्ञों के अनुसार अपनी लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाने से डायबिटीज को रोका जा सकता है। डाइट में फाइबर रिच सब्जियां, साबुत अनाज, कम फैट वाले प्रोटीन और हेल्दी फैट का चुनाव करें। शुगर, प्रोसेस्ड फूड और कार्बोहाइड्रेट से दूर रहें।
Exercise
रोजाना एक्सरसाइज करते हैं तो डायबिटीज से बचाव हो सकता है। हफ्ते में कम से कम 150 मिनट तक मध्यम गति का व्यायाम, जैसे कि तेज चलना, साइकिल चलाना या तैराकी जरूर करें। ऐसा करने से वजन कंट्रोल होगा और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार।
लक्षणों को पहचान
डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों के जानना चाहते हैं तो इसमें बार-बार पेशाब आना, ज्यादा प्यास लगना, थकान, धुंधला दिखना और वजन कम होना शामिल है। ऐसे में अगर आपके परिवार में डायबिटीज का इतिहास है और आपको ऐसे लक्षण महसूस हो रहे हैं तो ब्लड शुगर जांच जरूर करवाएं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
