आपको बता दें कि हर साल दिल की बीमारी से 1.8 करोड़ से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा देते हैं और हार्ट अटैक इसमें सबसे ज्यादा कॉमन है। ऐसे में मसल्स के डैमेज होने के कारण बाईपास सर्जरी ही मरीज को बचाने का आखिरी विकल्प रहता है और फिर 5-10 दिन के अंदर-अंदर हार्ट रप्चर यानी की टूट-फूट होने लगती है। जिस वजह से हाल ही में यूरोपियन हार्ट जर्नल में पब्लिश ऑस्ट्रियन रिसर्चर्स की एक स्टडी में दावा हुआ है।
ये दावा है कि डैमेज हो चुकी मसल्स को बिना सर्जरी के और जेंटल शॉकवेव की मदद से रिजनरेट किया जा सकता है और इसे ‘स्पेस हेयर ड्रायर’ तकनीक कहते हैं। आपको बता दें कि ये तकनीक अभी विकास के शुरुआती चरण में है। ये तकनीक हृदय की मांसपेशियों को गर्म करती है और रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाकर, हृदय गति को नियंत्रित करने का काम करती है।
तकनीक के काम करने का तरीका
आपको बता दें कि ‘स्पेस हेयर ड्रायर’ एक छोटा उपकरण है। ये माइक्रोवेव का उपयोग करके हृदय की मांसपेशियों को गर्म करता है। फिर ये गर्मी रक्त प्रवाह को बढ़ाती है और हृदय की मांसपेशियों के कार्य में सुधार आता है।
क्या है इसमें इतना खास?
आपको बता दें कि ये तकनीक पुराने समय से इस्तेमाल किए जा रहे उपचारों जैसे दवाओं और सर्जरी की तुलना में कई फायदे देगी। इस तकनीक में मरीज को दर्द कम होता है और साथ ही इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। इससे रोगियों को जल्दी ठीक किया जा सकेगा। प्रारंभिक अध्ययन किए गए, जिसमें पता चला कि ये तकनीक हृदय रोग के लक्षणों को काफी कम करने में प्रभावी है।
जान बचाने में मददगार
विशेषज्ञों का विश्वास है कि ये तकनीक 50 लाख से ज्यादा लोगों की जान बचा सकती है और हर साल लोगों को हृदय रोग से मरने से बचा सकती है। लेकिन अभी इस तकनीक को पूरी तरह से उपलब्ध होने में कुछ समय लगेगा। इसलिए अभी के लिए हृदय रोग से बचाव के लिए स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखना बहुत जरूरी है, जैसे कि नियमित व्यायाम, स्वस्थ आहार और तनाव प्रबंधन आदि।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
