आज यानी 1 फरवरी को साल 2025 का बजट पेश किया जाएगा, और इस बार के बजट पर जनता की विशेष नजर है, क्योंकि इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा। इस बजट से पहले एक महत्वपूर्ण पहलू पर चर्चा हो रही है, और वह है जंक फूड पर टैक्स का बढ़ना या नहीं। पिछले दिनों हुए आर्थिक सर्वे में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है, जिसे लेकर कई अनुमान लगाए जा रहे हैं कि सरकार इस पर कड़े कदम उठा सकती है।
क्या बढ़ेगा जंक फूड पर टैक्स?
सरकार का ध्यान जंक फूड, खासकर अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स (UPF) की बढ़ती खपत और इसके सेहत पर पड़ने वाले प्रभावों पर है। ये फूड्स, जिनमें पोषण की मात्रा कम और शक्कर और नमक की अधिकता होती है, मोटापा, डायबिटीज, और हृदय संबंधी समस्याओं को बढ़ावा देते हैं। कई हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे खाद्य पदार्थों पर अधिक टैक्स लगाने से इनकी खपत पर रोक लगाई जा सकती है और लोगों को स्वस्थ आहार की ओर प्रेरित किया जा सकता है।
आर्थिक सर्वे में क्या सामने आया?
हाल ही में संसद में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 में WHO की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, जिसमें बताया गया है कि भारत में अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स की खपत में अत्यधिक वृद्धि हुई है। साल 2006 में जहां इन फूड्स की खपत 900 मिलियन अमरीकी डॉलर थी, वहीं 2019 में यह बढ़कर 37.9 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंच गई। यह वृद्धि 33% से अधिक वार्षिक दर को दर्शाती है। सर्वे में यह भी बताया गया है कि UPF पर अतिरिक्त टैक्स को हेल्थ टैक्स के रूप में देखा जा सकता है, जिसे बड़े ब्रांड्स पर लागू किया जा सकता है। हालांकि रिपोर्ट में यह पाया गया कि इस तरह के टैक्स का स्वास्थ्य पर कोई विशेष सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय
सर गंगा राम अस्पताल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पीयूष रंजन ने बताया कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स पोषणहीन होते हैं और इनका सेवन युवाओं और बच्चों के बीच बढ़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ रही हैं। इसको नियंत्रित करने के लिए अधिक टैक्स लगाने की सिफारिश की जा सकती है।
एम्स दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश सागर का कहना है कि इन फूड्स का मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ रहा है, इसलिए इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने की आवश्यकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
