हर कोई बालों को सुलझाने के लिए कंघी का इस्तेमाल करता है। ऐसे में बहुत से लोग हैं जो प्लास्टिक की कंघी की जगह लकड़ी की कंघी का भी इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या हर कोई लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल कर सकता है? तो इसी बात पर डॉक्टर आंचल पंथ ने एक वीडियो शेयर की जिसमें वे इस टॉपिक पर रोशनी डालती नजर आईं हैं।
किन लोगों को नहीं Use करनी चाहिए लकड़ी की कंघी
इस पर डॉक्टर बताती हैं कि लकड़ी की कंघी बालों के उलझने को थोड़ा कम कर सकती है, लेकिन जिन लोगों की स्काल्प बहुत ऑयली, थिक डैंड्रफ है और स्काल्प इंफेक्शन है उन्हें इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए क्योंकि लकड़ी की कंघी छिद्रयुक्त होती है; वे तेल, बैक्टीरिया और कवक को फंसा सकती हैं।
Myths about wooden comb
अगर इसके मिथकों की बात करें तो बहुत से हैं, लेकिन अक्सर लोगों को ये लगता है कि लकड़ी की कंघी के इस्तेमाल से हेयरफॉल और स्काल्प का ब्लड सर्कुलेशन सही होता है और डैंड्रफ में भी कमी होती है, लेकिन डॉक्टर का आंचल का कहना है कि ऐसा नहीं होता। ये भी एक मिथक है कि बार-बार कंघी करने से बालों की क्वालिटी सुधरती है।
इन बातों का रखें ध्यान
लकड़ी की कंघी को अक्सर पूरी सफाई की जरूर होती है, इसलिए हर हेयरवॉश के बाद जिस शैम्पू या साबुन से आप नहाते हैं उससे साफ कर लें। ये एक अच्छी आदत है कि जितनी बार आप अपने बालों को धो रहे हैं उतना ही अपनी कंघी को धोना। लकड़ी की कंघी की अच्छी बात ये है कि ये प्राकृति के हिसाब से है।
कब और कितनी बार करें कंघी
जब आपके बाल गीले हों, तब कंघी करें यानि कुछ 70% तक सूख चुके हों। अगर आपके बाल घुंघराले हैं तो आप गीले बालों में कंघी फेर सकते हैं। रोजाना नहाने के बाद बालों में कंघी जरूर फेरें ताकि आपके बाल उलझे न रहें। इसके बाद आपके बालों के टेक्सचर पर निर्भर करता है। डॉक्टर कहती हैं कि दिन में एक बार काफी है।
डॉक्टर की सलाह
डॉक्टर आंचल बताती हैं कि अगर आपके बाल फ्रीजी हैं तो लकड़ी की कंघी एक अच्छा ऑपशन है, लेकिन आपके बालों के टैक्सचर और क्वालिटी वैसे ही रहेगी। लकड़ी के कंघों पर तेल जमने से बचाने के लिए उचित सफाई रखें। लकड़ी की कंघी हेयरफॉल कम नहीं करती।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
