प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अपना खास ध्यान रखने की जरुरत होती है। इस दौरान उनके शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। ऐसे में यदि वह कुछ भी खाएंगी तो बच्चे पर बुरा असर हो सकता है। प्रेग्नेंसी के 9 महीनों में महिलाएं जो भी कुछ खाती है उसका असर सीधा गर्भ में पल रहे शिशु पर होता है। भारत में तो प्रेग्नेंसी के दौरान खान-पान को लेकर कई सारे मिथ भी बने हुए हैं। ऐसा ही एक मिथ है कि प्रेग्नेंसी में ठंडी चीजें जैसे कि आइसक्रीम, ठंडा पानी और अन्य ठंडे पदार्थ नहीं खाने चाहिए। इससे गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान होगा। तो चलिए आपको बताते हैं कि इस बात में कितनी सच्चाई है।
प्रेग्नेंसी में ठंडी चीजें खाने से बच्चे को होगा नुकसान
एक्सपर्ट्स की मानें तो प्रेग्नेंसी के दौरान जब महिलाएं ठंडी चीजें जैसे कि आइसक्रीम, कुल्फी, ठंडा पानी पीते हैं तो घर के बड़े-बुजुर्गों का कहना है कि ठंडी चीजें खाने से सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार की समस्या होती है लेकिन यह गलतफहमी है कि ठंडी चीजें खाने के कारण सर्दी-जुकाम हो सकता है। सर्दी-जुकाम का कारण वायरस है न कि ठंडे पदार्थ हालांकि यदि प्रेग्नेंट महिला को पहले ही सर्दी-जुकाम हो तो उसकी समस्या और भी ज्यादा हो सकती है। इसके अलावा प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण महिलाओं को ठंडी चीजें खाने के बाद पाचन में भी समस्या हो सकती है इसलिए उन्हें ठंडी चीजें खाने के लिए मना किया जाता है लेकिन इसका असर गर्भस्थ शिशु पर कोई असर नहीं होता।

ठंडी चीजें खाते समय रखें ध्यान
. प्रेग्नेंट महिलाएं यदि ठंडी चीजें खाती हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि वह ताजा और साफ हो।
. एक्सपर्ट्स का कहना है कि आप इस दौरान ठंडी चीजें खा सकते हैं लेकिन इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।
इस बात का भी रखें ध्यान
ठंडी चीजें खाने से प्रेग्नेंट महिला या फिर उससे बच्चे को कोई भी नुकसान नहीं होगा हालांकि यदि वे संतुलित मात्रा में खाएं तो इससे कोई फर्क नहीं होगा। इस बात का भी ध्यान रखें कि प्रेग्नेंसी के दौरान स्वास्थ्य और खान-पान से जुड़ी किसी भी बात पर ज्यादा जानकारी लेने के लिए डॉक्टर की सलाह जरुर लें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
