कर्नाटक के मैसूर सेंट्रल जेल में एक भयावह घटना हुई, जिसमें तीन कैदियों की मौत हो गई। ये कैदी केक बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले एसेंस को नशे के लिए पी गए थे। यह घटना 28 दिसंबर की है, जब जेल की बेकरी में रखा एसेंस तीन कैदियों ने कथित तौर पर पी लिया। इसके बाद उन्हें पेट में तेज दर्द हुआ और उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल केआर अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
केक एसेंस का दुरुपयोग: कैसे हुआ हादसा
जेल अधिकारियों ने बताया कि एसेंस बेकरी में सुरक्षित रखा गया था, लेकिन कैदियों ने इसका गलत उपयोग किया। इन कैदियों ने एसेंस को नशे के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप उनकी हालत खराब हो गई। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि एसेंस का उपयोग किस तरह से किया गया और क्यों यह घातक साबित हुआ।
केक एसेंस का अत्यधिक सेवन कितना खतरनाक
केक एसेंस का सेवन बेहद खतरनाक हो सकता है। इसमें अल्कोहल और कैंसरकारी तत्व होते हैं, जो शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। एसेंस का अधिक सेवन नशे की स्थिति पैदा कर सकता है, और इसके कारण सांस लेने में कठिनाई, चेहरे, होंठ या गले में सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इसके अत्यधिक सेवन से चक्कर आना, भ्रम, दौरे, नींद की कमी, डिमेंशिया और मतली जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। गंभीर मामलों में यह किडनी फेलियर, दस्त, सिरदर्द, कोमा और यहां तक कि मौत का कारण भी बन सकता है।
लिवर पर प्रभाव: एसेंस के जोखिम
सिंथेटिक वनीला एसेंस, जो एक कृत्रिम वनीला फ्लेवर होता है, उसे केमिकल्स के माध्यम से तैयार किया जाता है। यह वनीला जैसा स्वाद तो देता है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन लिवर पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। एसेंस के अधिक सेवन से लिवर की समस्याएं हो सकती हैं, और इसका असर स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।
क्या है सुरक्षित उपयोग
एसेंस का उपयोग हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए, और इसे केवल निर्धारित उपयोग के लिए ही प्रयोग में लाना चाहिए। प्राकृतिक वनीला का उपयोग करना अधिक सुरक्षित और स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प है। इसलिए, इसे केवल कुकिंग के लिए और छोटे मात्रा में ही उपयोग करना चाहिए।
