कैंसर का खतरा अमीरों के मुकाबले गरीबों को ज्यादा होता है? यह एक सामान्य मिथक है जो समाज में प्रचलित है। हालांकि यह सच नहीं है। कैंसर किसी भी व्यक्ति को किसी भी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में हो सकता है। इसका कारण विभिन्न कारक हो सकते हैं, और यह किसी खास वर्ग या समूह तक सीमित नहीं है।
कैंसर के कारण
हाल ही में फिनलैंड के हेलसिंकी विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक अध्ययन में सामाजिक-आर्थिक स्थिति और कैंसर के बीच संबंध की जांच की गई। इस अध्ययन में यह पाया गया कि अमीरों को आनुवंशिक रूप से गरीबों की तुलना में कैंसर का अधिक खतरा होता है। विशेष रूप से अमीर लोगों में स्तन, प्रोस्टेट और अन्य प्रकार के कैंसर का आनुवंशिक जोखिम अधिक पाया गया।
इसके अलावा, डॉ. पारसा ने एक रिपोर्ट में कैंसर के कारणों में पर्यावरणीय कारकों को भी प्रमुख रूप से बताया। उनका कहना था कि पर्यावरणीय प्रदूषण, तंबाकू का सेवन, और शराब पीने जैसी आदतें कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
गरीबी और कैंसर
कैंसर का खतरा सिर्फ आनुवंशिक या सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं होता। गरीबी में रहने वाले लोगों के लिए कई अन्य कारक भी कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं।
स्वास्थ्य देखभाल की कमी
गरीब लोगों के पास गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच सीमित होती है। वे स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान नहीं कर पाते और न ही उन्हें पर्याप्त चिकित्सा उपचार मिल पाता है। इसके परिणामस्वरूप उनका कैंसर का इलाज समय पर नहीं हो पाता, जिससे कैंसर की मृत्यु दर बढ़ जाती है।
पर्यावरणीय कारक
गरीब लोग अक्सर उन पर्यावरणीय कारकों के संपर्क में आते हैं जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। उदाहरण के लिए तंबाकू का अधिक सेवन, शराब पीने की आदत, और धूप में ज्यादा समय बिताना जैसे जोखिम कारक गरीबों के लिए अधिक आम हैं।
आहार और पोषण
कम आय वाले लोग स्वस्थ आहार और पौष्टिक खाद्य पदार्थों की कमी से जूझते हैं। फल और सब्जियों की कमी के कारण उन्हें जठरांत्रिक कैंसर का खतरा अधिक होता है।
खाद्य असुरक्षा और कैंसर मृत्यु दर
खाद्य असुरक्षा और आय के बीच संबंधों ने कैंसर की मृत्यु दर को प्रभावित किया है। गरीबी के कारण सही पोषण का अभाव होता है, जो शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर कर सकता है और कैंसर जैसे रोगों के लिए एक बड़ा जोखिम बन सकता है।
चिकित्सीय देखभाल और कैंसर के इलाज की गुणवत्ता
किसी भी व्यक्ति की आय और चिकित्सा देखभाल की गुणवत्ता के बीच संबंध को ध्यान में रखते हुए, यह कहना गलत नहीं होगा कि जितना अधिक व्यक्ति की आय होगी, उतनी ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उसे मिल सकेंगी।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
