आजकल की जीवनशैली और शराब के अत्यधिक सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी सर्जन जनरल, डॉ. विवेक मूर्ति ने अपनी रिपोर्ट में शराब के सेवन और कैंसर के बीच के संबंध को उजागर किया है। उनका कहना है कि शराब से हर साल 100,000 नए कैंसर के मामले सामने आते हैं, और करीब 20,000 लोग शराब से संबंधित कैंसर से अपनी जान गंवाते हैं।

कैंसर के प्रमुख प्रकार

रिपोर्ट के मुताबिक शराब पीने से स्तन, कोलोरेक्टल, लीवर , मुंह और अन्य प्रकार के कैंसर का जोखिम बढ़ता है। डॉ. मूर्ति ने यह सुझाव दिया है कि शराब की बोतलों पर कैंसर से संबंधित चेतावनियां अंकित की जानी चाहिए, ताकि लोग इस खतरनाक प्रभाव से अवगत हो सकें।

कैंसर और शराब का सीधा संबंध

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के आंकड़ों के अनुसार कैंसर के सभी नए मामलों में लगभग 5.5% और कैंसर से होने वाली मौतों में 5.8% शराब के सेवन से संबंधित होते हैं। अमेरिकी सर्जन जनरल ने यह भी बताया कि शराब तंबाकू और मोटापे के बाद कैंसर का तीसरा सबसे बड़ा कारण है।

शराब और कैंसर के खतरे के मुख्य कारण

एसीटैल्डिहाइड

शराब में मौजूद इथेनॉल शरीर में टूटकर एसीटैल्डिहाइड में बदल जाता है, जो एक कैंसरकारी पदार्थ है और कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाता है।

हार्मोनल प्रभाव

शराब एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन के स्तर को प्रभावित करती है, जिससे कोशिकाओं की वृद्धि में इजाफा होता है और कैंसर का जोखिम बढ़ता है।

पोषक तत्वों की कमी

शराब के सेवन से शरीर कैंसर से बचाने वाले आवश्यक पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता।

वजन बढ़ना

शराब के सेवन से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ती है, जिससे वजन बढ़ता है, और मोटापा कई प्रकार के कैंसर का कारण बन सकता है।

कैंसर से बचाव के लिए शराब से बचना जरूरी

शराब से कैंसर का खतरा बढ़ता है, और इस पर अधिक जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। डॉ. विवेक मूर्ति ने यह स्पष्ट किया कि शराब के सेवन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को पहचानना और इसके सेवन से बचना कैंसर के खतरे को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *