मौजूदा समय में अमेरिका में नोरोवायरस (Norovirus) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। दिसंबर की शुरुआत में, 90 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। एक प्रमुख आउटब्रेक लॉस एंजिल्स के एक रेस्तरां में हुआ, जहां ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा से मंगवाए गए कच्चे सीपों ने 80 लोगों को संक्रमित कर दिया। इन सीपों को 14 अमेरिकी राज्यों में बांटा गया था, इससे पहले कि इन्हें रिकॉल किया गया। नोरोवायरस का यह आउटब्रेक एक गंभीर चेतावनी है और इसके फैलने की गति को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
नोरोवायरस क्या है?
नोरोवायरस, जिसे ‘विंटर वोमिटिंग बग’ (Winter Vomiting Bug) के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यधिक संक्रामक स्टमक वायरस है जो दूषित भोजन, पानी या सतहों से फैलता है। यह वायरस मुख्य रूप से ओरल-फीकल रूट के माध्यम से संक्रमण फैलाता है और सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। अमेरिका में यह फूड-बॉर्न डिजीज का प्रमुख कारण है और सालाना 58% मामलों के लिए जिम्मेदार होता है। नोरोवायरस क्रूज शिप, नर्सिंग होम और डॉरमेट्री जैसे बंद और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर तेजी से फैलता है।
नोरोवायरस के लक्षण
नोरोवायरस के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 1-2 दिन बाद दिखाई देते हैं, और इनमें शामिल हैं:
उल्टी
दस्त
पेट दर्द
मतली
बुखार
सिरदर्द
बदन दर्द
गंभीर मामलों में खासकर बच्चों और बुजुर्गों में, डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, जो कि खतरनाक साबित हो सकती है।
नोरोवायरस को कैसे रोका जा सकता है?
नोरोवायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपायों का पालन करना आवश्यक है:
हाथों की सफाई
शौचालय का उपयोग करने के बाद या खाना छूने से पहले हमेशा साबुन और पानी से अच्छी तरह हाथ धोएं।
साफ-सफाई
5,000 पीपीएम के हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन से सर्फेस को डिसइंफेक्ट करें।
स्टीम फूड से बचें
स्टीम फूड से बचें और सिर्फ क्लोरीनयुक्त पानी पर निर्भर न रहें, क्योंकि नोरोवायरस 60 डिग्री सेल्सियस तक गर्मी सहन कर सकता है।
संक्रमित लोगों से दूरी
आउटब्रेक के दौरान संक्रमित व्यक्तियों को अन्य लोगों से अलग रखें और भोजन तैयार करने से बचने को कहें।
इलाज और प्रबंधन के तरीके
नोरोवायरस का संक्रमण आम तौर पर 2-3 दिनों में ठीक हो जाता है। इस दौरान शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए ओरल फ्लूइड का सेवन करें। गंभीर मामलों में इंट्रावेनस रिहाइड्रेशन की आवश्यकता हो सकती है। अभी तक नोरोवायरस के लिए कोई वैक्सीन नहीं है, लेकिन रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन-पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन (RT-PCR) टेस्ट से इस वायरस का पता लगाया जा सकता है।
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