आज के समय में पेरेंट्स अपने बच्चों को बिजी रखने के लिए उन्हें फोन दे देते हैं। कुछ बच्चे देर तक टीवी देखते रहते हैं लेकिन मोबाइन का ज्यादा इस्तेमाल और बाकी के इलेक्ट्रोनिक गेजेट्स बच्चों की आंखों पर गलत असर डालेंगे। सिर्फ इतना ही नहीं खराब लाइफस्टाइल और डाइट के चलते भी बच्चों को आंखों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में यदि आपके बच्चे आंखों और सिर में दर्द की शिकायत करते हैं तो इसके कई कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं इस आर्टिकल के जरिए।
स्ट्रैबिस्मस
आंखों और सिर में दर्द स्ट्रैबिस्मस या फिर बाकी अन्य आंखों की असामान्यताओं जैसी स्थितियों के कारण हो सकती है इसके कारण आंखें ठीक से काम नहीं करती और बच्चों को आंखों और सिर में दर्द बढ़ जाता है।

स्ट्रेस वाला सिरदर्द
स्ट्रेस वाला सिरदर्द तनाव या मांसपेशियों में खिंचाव के कारण हो सकता है। इसके कारण माथे और आंखों के आस-पास भी दर्द हो सकता है। भले ही यह दर्द माइग्रेन जितना गंभीर न लेकिन बच्चे के लिए समस्या खड़ी कर सकता है।
इंफेक्शन और साइनसाइटिस
यह दर्द साइनसाइटिस, कान का इंफेक्शन या बाकी सांस से जुड़ी बीमारियों जैसे इंफेक्शन के कारण भी हो सकती है। खासकर जब रात के समय में कंजेक्शन गंभीर हो जाए तो आंखों और माथे के आस-पास दर्द और साइनस के कारण दबाव हो सकता है।
नींद पूरी न होने के कारण
यदि बच्चों की नींद पूरी न हो तो भी उन्हें आंखों और सिर में दर्द हो सकता है। ऐसे में बच्चों को पूरी नींद लेने के लिए कहें। इस बात का भी ध्यान रखें कि आपका बच्चा खुद को ज्यादा न थकाए इससे सिरदर्द और आंखों का दर्द कम होगा।
रिफ्रेक्टिव एरर
मायोपिया या हाइपरमेट्रोपिया जैसी आंखों से संबंधित समस्याएं जो ठीक न हो पाए वो भी बच्चों में सिरदर्द और आंखों के दर्द का आम कारण है। खासतौर पर यदि शाम को या लंबे समय तक पढ़ने, स्क्रीन पर समय बिताने या कोई ध्यान लगाकर काम करने पर बच्चों का यह सिरदर्द बढ़ सकता है।
आंखों की थकान
सारा दिन पढ़ने, इलेक्ट्रॉनिक्स का इस्तेमाल करने के कारण भी आंखों में थकान होगी जो दर्द का कारण बनेगी। खासकर रात को जब बच्चे को आंखों की रोशनी की ज्यादा जरूत हो तब यह दर्द हो सकती है।

ब्रेन ट्यूमर
लंबे समय तक सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर या फिर बढ़े हुए इंट्राक्रैनिल दबाव के कारण भी हो सकता है। ये सिरदर्द बहुत तेज होता है और इसके बाद बच्चों को उल्टी या फिर आंखों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
माइग्रेन
बच्चों को अगर रात के समय सिरदर्द हो तो यह माइग्रेन भी हो सकता है। इसके लक्षणों की अगर बात करें तो आंखों की रोशनी के कारण सेंसिटिविटी बढ़ना, मतली और तेज दर्द होना। यह रात में ज्यादा हो सकती है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ माइग्रेन और भी आम हो सकता है।
इस बात का भी रखें ध्यान
बच्चों को आंखों के साथ यदि सिरदर्द हो रहा है तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन यह समस्या क्यों हो रही है इसका कारण क्या है इन सभी बातों पर गौर करके आप बच्चे को समस्या से राहत दिलवा सकते हैं। यदि आपके बच्चे आंखें और सिरदर्द एक साथ बताएं तो आप डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
