कृष्ण कुमार और तान्या सिंह की बेटी तिशा कुमार का जुलाई में दुखद निधन हुआ। महीनों बाद, तान्या ने एक भावुक नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की मौत के बारे में फैली गलत धारणाओं पर खुलासा किया। तान्या ने बताया कि तिशा को कैंसर नहीं था, बल्कि गलत निदान और इलाज के कारण उसकी जान गई।
गलत निदान का खुलासा
तान्या ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया, “सच्चाई यह है कि मेरी बेटी तिशा को शुरू से ही कैंसर नहीं था। 15 साढ़े साल की उम्र में उसे एक टीका लगाया गया, जिससे संभवतः एक ऑटोइम्यून रिएक्शन हुआ। बाद में इसका गलत निदान किया गया, और उस समय हमें इसके बारे में जानकारी नहीं थी।” तान्या ने इस खुलासे के जरिए तिशा की स्थिति को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश की और उम्मीद जताई कि कोई और इस तरह के गलत निदान का शिकार न हो।
लिम्फ नोड्स में सूजन और गलत इलाज
तान्या ने माता-पिता से आग्रह किया कि अगर उनके बच्चे को ‘लिम्फ नोड्स में सूजन’ का सामना हो, तो बोन मैरो टेस्ट या बायोप्सी जैसी जटिल प्रक्रियाएं अपनाने से पहले दूसरी और तीसरी राय जरूर लें। उनका मानना था कि गलत निदान से बचने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “लिम्फ नोड्स में सूजन का इलाज सही तरीके से होना चाहिए, ताकि सही निदान मिल सके।”
लिम्फ नोड्स में सूजन क्या है?

लिम्फ नोड्स शरीर के रक्षा तंत्र का हिस्सा होते हैं, जो संक्रमण, इमोशनल ट्रामा, या किसी पुराने बिना इलाज किए गए संक्रमण के कारण सूज सकते हैं। तान्या ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “लिम्फ नोड्स हमारे शरीर के गार्ड्स की तरह काम करते हैं।” उन्होंने बताया कि दुर्भाग्यवश, वे इस जानकारी के मिलने से पहले ही ‘मेडिकल जाल’ में फंस चुके थे, जिसके कारण उनकी बेटी की मौत हो गई।
लिम्फ नोड्स में सूजन के कारण
लिम्फ नोड्स में सूजन (लिम्फैडेनोपैथी) तब होती है जब इम्यून सिस्टम सक्रिय होकर लिम्फ नोड्स को बढ़ा देता है। यह सूजन आमतौर पर बैक्टीरियल, वायरल या फंगल संक्रमणों के कारण होती है। टीबी, मोनोन्यूक्लियोसिस और अन्य बीमारियां भी लिम्फ नोड्स की सूजन का कारण बन सकती हैं। कोविड-19 और MMR जैसे टीके भी अस्थायी सूजन का कारण बन सकते हैं, जो कुछ दिनों या हफ्तों में ठीक हो जाती हैं।
लिम्फ नोड्स में सूजन के लक्षण
शरीर के विभिन्न हिस्सों में सूजन और दर्द
सूजन वाले क्षेत्र की त्वचा में लालिमा और गर्मी
बुखार और रात में पसीना आना
कमजोरी या थकान
गले में खराश और खांसी
क्या वैक्सीनेशन से हो सकती है लिम्फ नोड्स में सूजन?
NIH की रिपोर्ट के मुताबिक कोविड और कुछ अन्य टीके अस्थायी लिम्फ नोड सूजन का कारण बन सकते हैं। टीका लगने के बाद इम्यून सिस्टम सक्रिय हो जाता है, जिससे लिम्फ नोड्स में इम्यूनिटी सेल्स का उत्पादन बढ़ता है। हालांकि, ये प्रतिक्रियाएं सामान्यत: हल्की होती हैं और कुछ दिनों या हफ्तों में ठीक हो जाती हैं। यदि सूजन और अन्य लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
