हर घर में चाय को छानने के लिए छननी इस्तेमाल होती है। चाय की छलनी कई तरह की होती है जैसे कि स्टेनलेस स्टील, सिलिकॉन, प्लास्टिक। यह चाय को छानकर उसमें मौजूद ठोस कणों को हटा देती है लेकिन अगर यही आपके लिए किसी खतरनाक बीमारी का कारण बन जाए तो क्या होगा। ज्यादातर लोग इसे तब तक नहीं बदलते जब तक यह पिघल न जाए या खराब न हो जाए लेकिन लंबे समय तक इसे इस्तेमाल करने के कारण आपको कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है। अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के जर्नल ऑफ एनवायरनमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, प्लास्टिक की छननी से कई गुणा माइक्रोप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक निकलते हैं जो कैंसर का कारण बनेंगे।
प्लास्टिक टी बैग से कैंसर
रिसर्चर्स की मानें तो ज्यादातर टी बैग्स में 25% तक प्लास्टिक पाया जाता है। गर्म खाने या पेय पदार्थों के साथ प्लास्टिक का मेल खतरनाक साबित होगा। एक कप चाय में प्लास्टिक की मात्रा हजारों गुणा तक होती है करीबन 16 माइक्रोग्राम प्रति कप। ज्यादातर ब्रांड्स के बैग वाली चाय में प्लास्टिक पाया जाता है। टी बैग्स को सील करने और गर्म पानी में उनका आकार बनाए रखने के लिए एक प्लास्टिक पॉलीमर का इस्तेमाल होता है इसको पॉलीप्रोपाइलीन कहते हैं। प्लास्टिक होने के कारण टी बैग पूरी तरह से सड़ता नहीं है।

चाय में घुल जाएंगे कैंसर वाले कैमिकल
कनाडाई शोधकर्ताओं ने अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के जर्नल ऑफ एनवायरनमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में एक अध्ययन प्रकाशित कर बताया कि गर्मी के कारण प्लास्टिक के रसायन आपके भोजन या पेय में घुल जाएंगे जिससे कैंसर वाले तत्व निकलते हैं। उन्होंने अध्ययन में यह भी पाया कि प्लास्टिक टी बैग भी कैंसर का कारण बनेगी क्योंकि गर्म पानी में एक प्लास्टिक टी बैग को भिगोने से प्रत्येक कप में लगभग 11।6 बिलियन सूक्ष्म कण निकलते हैं जिनको “माइक्रोप्लास्टिक” और 311 बिलियन “नैनोप्लास्टिक” कहते हैं।
चाय की छलनी से कैंसर
आपको बता दें कि प्लास्टिक की चाय छलनी बहुत ही खराब क्वालिटी की प्लास्टिक के साथ बनी होती हैं। यह इतनी खराब होती हैं कि ज्यादा चाय छानते समय भी पिघल जाती है। जाहिर खराब प्लास्टिक से बनी छलनी बहुत पिघल जाती है। जब भी इसमें गर्म चाय डालती है। इसमें मौजूद खतरनाक केमिकल्स और हजारों माइक्रोप्लास्टिक पिघलकर चाय में चले जाएंगे।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
