दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत पूरे उत्तर भारत में इन दिनों मौसम बदल रहा है। मौसम में बदलाव के कारण छोटे बच्चों में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार जैसी बीमारियां भी हो रही हैं। इसके साथ ही कई बच्चों में वायरल निमोनिया का खतरा भी बढ़ता है। वायरल निमोनिया एक वायरल संक्रमण के कारण होता है, जो फेफड़ों में सूजन पैदा करता है। इसके कारण छोटे बच्चों को सांस लेने में परेशानियां भी हो रही हैं। आज इस आर्टिकल के जरिए आपको बताते हैं कि वायरल निमोनिया और इसके लक्षण क्या हैं।
वायरल निमोनिया क्या है?
डॉ. तरुण आनंद के अनुसार, वायरल निमोनिया वायरस के कारण होने वाला फेफड़ों का एक इंफेक्शन है। इससे बच्चों को सांस लेने में कठिनाई होती है। बदलते मौसम और सर्दी में होने वाले वायरल निमोनिया में अक्सर खांसी, बुखार, ठंड लगना और थकान जैसे लक्षण दिखते हैं।
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लक्षण
. लगातार खांसी जो दिन बढ़ने के साथ और ज्यादा होती है।
. खासकर खांसते समय या गहरी सांस लेते समय छाती में दर्द।
. तेज या सांस लेने में परेशानी।
. बुखार या ठंड लगना

. होंठ या नाखून नीले होना
. कफ में बलगम आना और कभी-कभी उसका रंग बदलना
यदि आपको अपने बच्चों में यह लक्षण 4 या 5 दिन से ज्यादा नजर आए तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें और बच्चे का इलाज करवाएं।
ऐसे करें रोकथाम
बदलते मौसम में वायरल निमोनिया और अलग प्रकार की बीमारियों से बचने के लिए आप नीचे बताए हुए कुछ उपाय अपना सकते हैं।
भीड़ से बनाएं दूरी
वायरल निमोनिया के वायरस से बचने के लिए बच्चे को ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ले जाने से बचें। जहां तक संभव हो पाए बच्चे को घर के अंदर ही रखें।
हेल्दी डाइट
बच्चों के खाने में पूरी मात्रा में विटामिन-सी, कैल्शियम और आयरन को शामिल करें। हेल्दी डाइट बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत बनाएगी और किसी भी इंफेक्शन को जल्दी ठीक होने में मदद करेगी।

सफाई का रखें ध्यान
वायरल निमोनिया के ज्यादातर मामले सही तरीके से सफाई न करने के कारण होते हैं, बच्चों में कीटाणुओं के प्रसार को रोकने के लिए बार-बार हाथ धोना सिखाएं। साबुन और पानी यदि मौजूद नहीं है, तो बच्चों के हाथों को सेनेटाइज करें।
खांसी या छींकने पर सावधानी
बच्चों को सिखाएं कि खांसते या छींकते हुए मुंह को ढके ताकि इंफेक्शन के फैलने का खतरा कम हो।
फ्लू का टीका
छोटे बच्चों का नियमित तौर पर टीकाकरण करवाएं। बदलते मौसम में बच्चों को फ्लू का टीका जरूर लगावाएं। टीका फ्लू से संबंधित निमोनिया के जोखिम को कम करने में मदद करेगा।
वायरल निमोनिया होने पर डॉक्टर को दिखाएं
डॉ. तरुण आनंद का कहना है कि वायरल निमोनिया के लक्षण यदि लंबे समय तक बने रहें और समय के साथ लक्षण बढ़ते हैं तो तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल में इसका इलाज करवाएं।

