यूं तो ब्रेन स्ट्रोक पहले के समय में केवल बुजुर्गों को होती थी लेकिन इन दिनों बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि 18 साल के युवा भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। बता दें कि ब्रेन स्ट्रोक एक मेडिकल कंडीशन है जो आपके मस्तिष्क के हिस्से में रक्त के प्रवाह में कमी की वजह बनती है। जोकि कई बार ये इतनी गंभीर रूप ले लेती है कि व्यक्ति की जान भी जा सकती है। हाल ही में एक स्टडी में सामने आया है कि 18 से 44 साल के वयस्कों में स्ट्रोक के 15 फीसदी केसेज में इजाफा हुआ है। चलिए स्टडी के बारे में आपको बताते हैं।
क्या है पूरी रिसर्च
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की एक स्टडी में सामने आया है कि साल 2010 के बाद से ही 18 से 44 साल के युवाओं में स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ें हैं। वहीं इसके बढ़ने की वजह आज के बदलते लाइफस्टाइल और खानपीन को बताया जा रहा है। हालांकि स्टडी के मुताबिक ब्रेन स्ट्रोक का खतरा महिला और पुरुष दोनों में पाया गया है। शोधकर्ताओं की मुताबिक ब्रेन स्ट्रोक पुरुषों में 7 फीसदी और महिलाओं में 10 फीसदी तक बढ़ा है। वहीं यह पूरी दुनिया में होने वाले मौतों की 5वीं वजह मानी जाती है। स्टडी में ये भी पाया गया है कि स्ट्रोक से बढ़ने वाले मौतों की एक वजह देरी से इलाज मिलना भी है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं स्ट्रोक के मामले
स्टडी के मुताबिक स्ट्रोक के बढ़ते मामले के पीछे कई वजह जिम्मेदार है। जिसमें से हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल की समस्या, ब्रेन में खून के थक्के बनने और अनहेल्दी डाइट और खराब जीवनशैली फॉलो करना शामिल है। वहीं हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखकर इससे बचा जा सकता है। इतना ही नहीं जो लोग मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें भी ब्रेन स्ट्रोक आने का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा स्टडी में लोगों को स्मोकिंग करने से बचने के लिए कहा है।
स्ट्रोक आने के ये हैं लक्षण
बहुत तेज सिर दर्द होना
आंखों से धुंधला दिखाई देना
चक्कर आना और बचैनी महसूस होना
बोलने में किसी तरह की दिक्कत होना
ब्रेन स्ट्रोक से ऐसे करें बचाव
हाई बीपी को कंट्रोल करें
वजन को मेंटेन रखें
स्मोकिंग करने से परहेज करें
डेली रूटीन में एक्सरसाइज को शमिल करें
लंबे समय तक सिर दर्द की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
