पानीपत में सोमवार को चार दिन बाद जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं फिर से शुरू हुईं, जिससे मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। जिला नागरिक अस्पताल में सुबह आठ बजे से ही मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी, और ओपीडी शुरू होते ही स्थिति बेकाबू हो गई। मरीजों को कुर्सियों की जगह फर्श पर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ा। पंजीकरण कक्ष में भी भारी भीड़ थी, और दोपहर दो बजे के बाद पंजीकरण रोकना पड़ा।
2700 से अधिक मरीजों की हुई जांच
इस दौरान डॉक्टरों ने कुल 1722 ओपीडी की, जिसमें सबसे ज्यादा मरीजों की संख्या बुखार, खांसी, जुकाम, शुगर, और माइग्रेन के थे। अन्य विभागों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी, जैसे नेत्र रोग, चमड़ी रोग, महिला रोग, ईएनटी, हड्डी रोग, फिजियोथैरेपी, बाल रोग और सर्जरी। जिला अस्पताल में सोमवार को 2700 से अधिक मरीजों की जांच की गई, जबकि निजी अस्पतालों को मिलाकर ओपीडी संख्या 9000 से भी अधिक रही।
12 नए डेंगू के मामले सामने आये
साथ ही जिले में डेंगू के नए मामले बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार को 270 सैंपल की जांच की गई, जिसमें 12 नए डेंगू के केस सामने आए। जिले में अब तक डेंगू के कुल 226 मामले दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा, वायरल फीवर भी तेजी से फैल रहा है, और बच्चों सहित हर परिवार में इसके मरीज मिल रहे हैं।
एंटी लार्वा एक्टिविटी शुरू
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की बढ़ती संख्या को लेकर एंटी लार्वा एक्टिविटी शुरू कर दी है। डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में मकानों की जांच की जा रही है, और लार्वा मिलने पर कीटनाशक छिड़काव किया जा रहा है। जिले में डेंगू के मामले साल दर साल बढ़ रहे हैं, और इस बार भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
सिविल सर्जन डॉ. सुनील संडूजा ने बताया कि डेंगू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, और सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। उन्होंने लोगों से डेंगू के प्रति जागरूक रहने की अपील की है।
यहां कुछ अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े भी बताए गए हैं:
2020 में डेंगू के 274 मामले थे।
2021 में 287 मामले दर्ज किए गए।
2022 में यह संख्या बढ़कर 296 हो गई।
2023 में अब तक 351 मामले सामने आए हैं।
2024 में अब तक 226 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू का खतरा अभी भी बना हुआ है, और लोगों को साफ-सफाई और लार्वा नियंत्रण के उपायों पर ध्यान देने की जरूरत है।
