दीवाली के बाद दिल्ली की हवा बहुत खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के करीब पहुंच गया है और हर किसी की चिंता भी बढ़ चुकी है लेकिन क्या आप जानते हैं कि पॉल्यूशन के मामले में पाकिस्तान का कोई भी मुकाबला नहीं है। लाहौर का एक्यूआई शनिवार को 1900 दर्ज किया गया था जो कि दिल्ली से भी 5 गुना ज्यादा है। यह स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तय स्तर से कई गुना ज्यादा है। रविवार को लाहौर दुनिया का सबसे प्रदूषित शहरों की रियल टाइम लिस्ट में टॉप पर रहा। वहां की हवा इतनी जहरीली हो गई है कि हाय तौबा मच गई है। यह प्रदूषण का गंभीर स्तर है। ऐसे में आइए जानते हैं कि एयर क्वालिटी इंडेक्स 1900 तक पहुंचने पर सांस लेना कितना खतरनाक होता है और क्या इस वजह से और भी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

AQI का हाई लेवल इसलिए खतरनाक

एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI से प्रदूषण का स्तर मापा जाता है। इसके जरिए हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड (CO), ओजोन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2), पार्टिकुलेट मैटर यानी PM 2.5 और पीएम 10 पोल्यूटेंट्स चेक की जाती है। इस पर जीरो से 500 तक की रीडिंग होती है, हवा में पॉल्यूटेंट्स जितने ज्यादा होंगे, AQI का स्तर भी उतना ही ज्यादा होगा जितनी ज्यादा एक्यूआई, उतनी जहरीली हवा। वैसे तो 200-300 तक AQI भी सेहत के लिए खराब ही माना जाता है लेकिन लाहौर में तो यह खतरे के निशान से भी काफी ऊपर चला गया है।

कितना AQI सेहत के लिए खतरनाक (WHO के अनुसार)

. 0-50 (सांस लेने के लिए अच्छी हवा)

. 51-100 (सेंसेटिव लोगों को सांस लेने में परेशानी होगी)

. 101-200 (अस्थमा और दिल के मरीजों के लिए खतरनाक)

. 201-300 (यह खराब स्तर है, इसमें हर किसी को सांस लेने में तकलीफ होगी)

. 301-400 (यह बेहद खतरनाक स्तर होता है, इसमें फेफड़ों और सांस की बीमारियों का खतरा रहता है)

. 401-500 (बेहद गंभीर स्तर है, इसमें बीमार लोगों को तो बहुत दिक्कतें होती हैं, सेहतमंद लोग भी बीमार पड़ने लगते हैं)

AQI का 1900 होना बेहद गंभीर

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, AQI का 1900 के लेवल पहुंच जाना इमरजेंसी सिचुएशन है। इसमें यदि व्यक्ति खुद को न बचाया जाए तो सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचेगा। यह एक ऐसी कंडीशन में तत्काल मेडिकल हेल्प की जरूरत पड़ती है। 1900 एक्यूआई में जिंदा रह पाना भी मुश्किल होगा।

1900 AQI से सेहत को होगी ये समस्याएं

. सांस रूक सकती है जिंदा रह पाना भी होगा मुश्किल।

. सांस की गंभीर बीमारियां जैसे कि – अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और लंग कैंसर हो सकता है।

. दिल की धड़कन रूकेगी और हार्ट अटैक आएगा।

. इतना पॉल्यूशन दिमाग को डैमेज कर देगा।

. मेमोरी लॉस और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा।

. गर्भवती महिलाओं में गर्भपात का खतरा।

. इतनी जहरीली हवा से बांझपन की समस्या होगी।

By tnm

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