कपड़े पहनने का ढंग लोगों के बारे में बहुत कुछ बताता है। आप पता लगा सकते हैं कि इंसान कैसा है और उसका रहन सहन क्या है। लोगों का कपड़े पहनने का अपना स्टाइल, कलर, चॉइस होता है। हर कोई अच्छे और जबरदस्त कपड़े पहनना चाहता है, लेकिन आपको ये भी पता होना चाहिए कि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें कपड़े पहनने से डर लगता है। इसे ‘वेस्टिफोबिया’ (Vestiphobia) कहते हैं।
Vestiphobia
किसी तरह के कपड़ों को देख लेना या कपड़ों को पहनने से लगने वाला डर वेस्टिफोबिया कहलाता है। इसमें लोगों को कपड़े पहनने को लेकर हर समय घबराहट होती रहती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि कपड़ों की बनावट, टाइट या ढीला होना, किसी कपड़े को लेकर कोई बुरी याद आदि।
लक्ष्ण
जिन लोग इस बीमारी का शिकार होते हैं उन्हें कुछ खास तरह के कपड़े पहनते वक्त बेचैनी, घबराहट या पसीना आता है। कुछ ऐसे कपड़े जिसे पहनने से अच्छा महसूस न हो या उससे दूर भागना। जब कपड़े पहनने लगे तो उस समय सिरदर्द, सांस की तकलीफ होना, दिल की धड़कन का बढ़ना या पेट में मरोड़ उठना। कभी किसी खास कपड़े या उसके रंग से नफरत या अजीब महसूस करना। कपड़े से जुड़ी बुरी याद को सोचकर डरते रहना।
इसके कारण
अभी ऊपर इसके लक्ष्णों के बारे में बताया गया है। इसके लक्ष्ण हर इंसान में अलग होते हैं। अब ये इन कारणों से हो सकता है: किसी कपड़े को पहनना और उसमें कहीं गिर जाने से मजाक बनना या उसमें फंस जाना। बनावट से चुभन होना और बेचैनी। कभी कभी किसी कपड़े को पहनने को लेकर फैमिली, फ्रेंड्स या सोसाइटी का प्रेशर। किसी प्रकार के कपड़े को पहनने से खुजली होना। तनाव या एंग्जाइटी।
बचाव के उपाय
अगर आपके आस-पास कोई ऐसी समस्या से गुजर रहा है तो काउंसलिंग और थेरेपी की मदद से वेस्टिफोबिया से निपटा जा सकता है। इसमें कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी मदद कर सकती है। आरामदायक कपड़ें चुनें। मेडिटेशन और योग मददगार साबित हो सकता है, क्योंकि वे दिमाग को शांत करते हैं। अपने डर का सामना करें। फैमिली या फ्रेंड्स आदि का सपोर्ट लें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
