प्रेग्नेंसी हर महिला के लिए एक बहुत खास और संवेदनशील समय होता है। इस दौरान यदि स्वस्थ्य और संतुलित आहार का सेवन न किया जाए, तो यह मां और गर्भ में पलने वाले शिशु के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान जब मां के संतुलित और स्वस्थ आहार का सेवन करने की बात आती है तो ज्यादातर लोग हरी सब्जियां, चुकंदर, फलों का रस, नारियल, दाल और दूध को खाने में शामिल करने की ही बात करते हैं। ज्यादातर लोग प्रेग्नेंसी में महिलाओं को कौन से तेल में पका हुआ खाना चाहिए, इसे नजरअंदाज ही कर देते हैं लेकिन प्रेग्नेंसी में जितना खाने का ध्यान रखना जरूरी है, उतना ही ध्यान खाने को किस तेल में पकाया गया है इस पर भी ध्यान देना जरूरी है। सही तेल का चुनाव प्रेग्नेंसी के दौरान आपके और आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा। प्रेग्नेंसी में महिलाओं को कौन से तेल में पका हुआ भोजन करना चाहिए आइए जानते हैं।
तेल पर क्या कहती है रिसर्च
यूनिसेफ द्वारा प्रेग्नेंट महिलाओं पर की गई एक रिसर्च की मानें तो गर्भ में पलने वाले शिशु के दिमाग और आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए गुड फैट्स की जरूरत होती है। गुड फैट्स जैसे- नट्स, तिल, मछली और कई प्रकार के खाने में मिलता है। रिसर्च में यह भी बताया गया है कि प्रेग्नेंट महिलाओं को गर्भस्थ शिशु के सही शारीरिक विकास के लिए सरसों का तेल, मूंगफली का तेल, सोयाबीन का तेल और नारियल का तेल में पकाए गया भोजन ही खाना चाहिए।

प्रेग्नेंसी में कौन से तेल में पका हुआ खाना खाएं
इस दौरान भोजन के लिए उस तेल का इस्तेमाल करना चाहिए, जिसमें गुड फैट मौजूद हो। इन दिनों बाजार में कई तरह के रिफाइंड और प्रोसेस्ड ऑयल बिक रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिहाज से आप लोगों के लिए नुकसानदायक हैं। इन तेलों का सेवन यदि प्रेग्नेंट महिलाएं करें तो यह न सिर्फ उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा, बल्कि गर्भ में पलने वाले शिशु को भी नुकसान पहुंचाएगा।
नारियल का तेल
इसमें पर्याप्त मात्रा में गुड फैट मौजूद होता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण भी होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करेंगे। प्रेग्नेंसी के दौरान नारियल के तेल में पका हुआ भोजन करने से वायरल इंफेक्शन जैसे कि सर्दी, खांसी और जुकाम का खतरा कम होगा।

ऑलिव ऑयल
प्रेग्नेंसी के दौरान ऑलिव ऑयल में पका हुआ खाना सबसे बेहतर होता है। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स होते हैं, जो दिल के लिए अच्छे होते हैं और कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित करने में मदद करेंगे। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन-ई भी पाया जाता है, जो प्रेग्नेंसी में महिलाओं के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है।
सरसों का तेल
इसका उपयोग भारत में पारंपरिक रूप से सदियों से किया जा रहा है। इस तेल में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड्स की अच्छी मात्रा होती है, जो प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए जरुरी होते हैं। यह पाचन को बेहतर बनाने में भी मदद करेगा।
प्रेग्नेंसी में कौन से तेल में पका भोजन न करें
इस दौरान कुछ तेल में पका हुआ भोजन करने से बचना चाहिए। यह सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
रिफाइंड तेल
प्रेग्नेंट महिलाओं को खाने में रिफाइंड तेल का इस्तेमाल कम करना चाहिए क्योंकि इसकी प्रोसेसिंग के दौरान हानिकारक केमिकल्स और अत्यधिक गर्मी से गुजरना पड़ता है, जिससे इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।

पाम ऑयल
बाजार में मिलने वाले ज्यादातर पाम ऑयल को रिफाइंड ऑयल के नाम पर बेच रहे हैं। पाम ऑयल में संतृप्त वसा की मात्रा ज्यादा होती है, जो दिल और धमनियों के लिए नुकसान पहुंचा सकती है इसलिए प्रेग्नेंसी में पाम ऑयल में पका हुआ खाना खाने से बचें।
प्रेग्नेंसी के दौरान जिन महिलाओं के शरीर में खून की कमी है या उन्हें किसी प्रकार की शारीरिक समस्या से गुजरना पड़ रहा है तो वह भोजन पकाने के तेल के बारे में डॉक्टर से बात करें।
