आजकल बहुत से कपल्स सरोगेसी की मदद से पेरेंट्स बनने का सुख प्राप्त करे रहे हैं। ऐसे में अमेरिका के मार्टी और मेलिंडा रेंजर्स नाम के कपल भी सरोगेसी की मदद से पेरेंट्स बनने को सोचे, लेकिन उनका सपना जल्द ही टूट गया। बता दें कि मार्टी और मेलिंडा रेंजर्स एक व्यस्त जीवनशैली जीते थे, जिससे परिवार शुरू करना उनके लिए मुश्किल हो गया था। लेकिन रियल एस्टेट में थोड़ी-बहुत बचत करने के बाद, उन्होंने कैरिबियन जाने का फैसला किया। वहां जाकर उन्हें लगा कि वे अपने बच्चे का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। हालांकि 40 साल की उम्र पार करने के बाद और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को देखते हुए, उन्होंने आईवीएफ (IVF) के विकल्प को छोड़ने का निर्णय लिया। इसके बजाय उन्होंने सरोगेसी का सहारा लेने का सोचा।

सरोगेसी की तलाश

मार्टी और मेलिंडा ने इस प्रक्रिया के लिए सैकड़ों घंटे रिसर्च में बिताए। उन्हें एक प्रतिष्ठित सरोगेसी एजेंसी से एक युवा महिला मिली, जो कागजों पर भरोसेमंद और बातचीत में सहज लग रही थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने मनोवैज्ञानिक और मेडिकल जांचें करवाईं, जिसके बाद उनके भ्रूण को सरोगेट मदर में डालने की प्रक्रिया शुरू हुई।

सरोगेसी की लागत लगभग 100,000 डॉलर थी, जिसमें 30,000 डॉलर एजेंसी को, 65,000 डॉलर सरोगेट मदर को और 5,000 डॉलर कानूनी फीस के रूप में दिए गए। इस प्रक्रिया में उन्हें एक कड़े 40 पेज के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करना पड़ा, जिसमें कई ऐसी शर्तें थीं जिनके बारे में उन्होंने पहले कभी नहीं सोचा था।

अनुबंध की शर्तें

मार्टी ने बताया कि कॉन्ट्रैक्ट में स्पष्ट रूप से लिखा था कि गर्भावस्था के दौरान ड्रग्स और शराब का सेवन सख्त मना है। इसके अलावा सरोगेट के लिए देश से बाहर जाना भी प्रतिबंधित था, और घरेलू यात्रा केवल डॉक्टर के पत्र के साथ ही की जा सकती थी। कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार सरोगेट अंतिम तिमाही में राज्य से बाहर नहीं जा सकती थी, और उसे बिना अनुमति के नया यौन साथी बनाने की इजाजत नहीं थी।

सपनों का टूटना

हालांकि सब कुछ योजना के अनुसार नहीं हुआ। जैसे ही दंपति ने अपनी सरोगेट को शराब पीते हुए देखा, उनका भरोसा पूरी तरह से टूट गया। यह एक ऐसा नाटकीय पल था जिसने उनके माता-पिता बनने के सपनों को एक बुरे सपने में बदल दिया। इस स्थिति ने उन्हें मजबूर किया कि वे तुरंत अबॉर्शन करवाने का निर्णय लें।

मार्टी ने कहा, यह बहुत कठिन निर्णय था, लेकिन जब आपने किसी पर भरोसा किया हो और वह आपको धोखा दे, तो आपके लिए आगे बढ़ना बेहद मुश्किल हो जाता है। इस घटना ने न केवल उनकी भावनाओं को प्रभावित किया, बल्कि उन्हें इस प्रक्रिया के प्रति सावधान भी कर दिया।

भविष्य की योजनाएं

अब मार्टी और मेलिंडा अपने भविष्य के बारे में पुनर्विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे किसी भी अन्य सरोगेट या आईवीएफ विकल्प पर ध्यान देने से पहले अपने अनुभवों से सीखना चाहते हैं। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि कैसे सपने और उम्मीदें कभी-कभी असंभव साबित हो सकती हैं।

इस तरह की घटनाएं सरोगेसी प्रक्रिया की जटिलताओं को दर्शाती हैं और यह भी बताती हैं कि भावनात्मक रूप से यह यात्रा कितनी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। दंपति ने अपनी कहानी साझा करके यह संदेश देने का प्रयास किया है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए और सभी पहलुओं पर विचार करना चाहिए।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल जागरूकता के लिए है और किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए हमेशा विशेषज्ञ से सलाह लें।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *