स्मार्टफोन और सोशल मीडिया ने हमारे जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके साथ-साथ यह बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और विकास पर गंभीर प्रभाव डालने लगा है। हाल ही में पीएसआरआई अस्पताल, नई दिल्ली के पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन के चेयरमैन, डॉ. जीसी खिलनानी ने इस विषय पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर 2024 को ‘लेंसेट’ जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स के कारण युवाओं की मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव का जिक्र किया गया है।
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
डॉ. खिलनानी ने बताया कि सोशल मीडिया पर अजीबोगरीब रील्स बनाने वाले इन्फ्लूएंसर्स बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। भारत में भी इस समस्या की स्थिति विदेशों के समान है। रिपोर्ट के अनुसार 36% टीनएजर्स लगातार ऑनलाइन रहने के कारण अनजान लोगों के संपर्क में आते हैं। इसके अलावा 11% बच्चों में स्मार्टफोन या सोशल मीडिया के नशे के लक्षण देखे जा रहे हैं।
बच्चों में मानसिक बीमारियों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते बच्चों में एंग्जाइटी, मूड स्विंग्स और सुसाइडल टेंडेंसी के लक्षण बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर रील्स और विज्ञापनों के कारण बच्चों में धूम्रपान, जुए और फास्ट फूड खाने की लत भी बढ़ती जा रही है।
परिवारों में संवाद की कमी
स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के कारण परिवारों में संवाद की कमी भी देखी जा रही है। बच्चे और माता-पिता एक साथ बैठकर भी फोन पर व्यस्त रहते हैं, जिससे पारिवारिक संबंध कमजोर हो रहे हैं। इस स्थिति के चलते न केवल बच्चों का शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी प्रभावित हो रहा है।
उपाय और सलाह
डॉ. खिलनानी ने चेतावनी दी है कि यदि बच्चों द्वारा सोशल मीडिया और स्मार्टफोन के उपयोग पर नियंत्रण नहीं लगाया गया, तो स्थिति और खराब हो सकती है। वह सुझाव देते हैं कि माता-पिता को स्मार्टफोन और इंटरनेट डिवाइसों के उपयोग को सीमित करने की आवश्यकता है।
फोन का सीमित उपयोग
माता-पिता को अपने बच्चों को फोन देने से पहले सोचने की जरूरत है। बच्चों को व्यस्त रखने के लिए फोन का उपयोग न करें।
रात के समय का ध्यान
बच्चों को देर रात तक फोन का उपयोग करने से रोकें और उनकी निगरानी रखें।
सकारात्मक गतिविधियों में संलग्न करें
बच्चों को खेलकूद, पढ़ाई और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में शामिल करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
