आपने बहुत सी चीजों के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आपने ब्रेन फॉग के बारे में सुना है? ये तब होता है जब मस्तिष्क अत्यधिक काम करता है या तनाव में होता है। इसके सबसे आम लक्षण चक्कर आना, भ्रमित होना, सिरदर्द, धीरे-धीरे सोचना, चीजों को याद न रख पाना या अभी-अभी पूरे किए गए कारम को याद भी न रख पाना, मानसिक थकान और मूड में उतार-चढ़ाव आदि हैं। अगर आप इसे हल्के में लेंगे तो ये शुरुआती डिमेंशिया में बदल सकता है।
जानकारी के अनुसार पता चला है कि जो लोग सोचने या काम करने के लिए एक साथ कई कौशलों का उपयोग करते हैं, लेकिन वे इस प्रकार के दबाव के साथ जल्दी से एडजस्ट नहीं हो पाते, जिस वजह से उनमें बर्नआउट सिंड्रोम, ब्रेन फॉग और कम आईक्यू जैसी स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। इसकी वजह से बहुत से लोग अपनी नौकरी या करियर से इस्तीफा दे देते हैं।
Brain Fog के लक्ष्ण
. आराम न मिलने के कारण थकान
. अच्छा आहार न लेना
. शरीर में विषाक्त भारी धातुओं का सेवन
. तनाव में बढ़ाव
. व्यायाम की कमी
. हार्मोनल असंतुलन
इन तरीकों से कर सकते हैं Brain Fog को कम
. अपने व्यवहार में लाएं बदलाव
. जहां आप काम कर रहे हों वहां स्मार्टफोन या तनावपूर्ण समाचार अपडेट या मीडिया के किसी भी अन्य स्रोत से ब्रेक जरूर लें।
. पूरी नींद लें, कम से कम 6-8 घंटे की।
. जीवन के लिए सकारात्मक सोच बनाए रखें और आराम करने तथा तनाव दूर करने के लिए अपनी कुछ पसंदीदा गतिविधियों का आनंद लेने के लिए समय जरूर निकालें।
. पौष्टिक आहार खाएं, नाश्ते को अहम रखें।
. नियमित रूप से व्यायाम करें।
. जब आपको तनाव हो तो शराब और धूम्रपान से बचें, क्योंकि ये मस्तिष्क की थकान बढ़ाते हैं।
. ध्यान का अभ्यास जरूर करें। साथ में डॉक्टर से जरूर सलाह लें। जो आपको सही तरह ठीक कर सकेंगे।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
