अल्जाइमर बीमारी व्यक्ति के मेमोरी, सोच और व्यवहार को प्रभावित करती है। आपको बता दें कि एक नए शोध में पता चला है कि ये रोग दिमाग को दो चरणों में नुकसान पहुंचा सकता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि जो पहला चरण होता है वे धीरे-धीरे और चुपचाप शुरू होता है, इस स्टेज में व्यक्ति को मेमोरी से जुड़ी समस्याएं नहीं होती। इस समय तक केवल कमजोर सेल्स प्रभावित होते हैं।
इसके विपरीत, अगर दूसरे चरण की बात करें तो इसमें दिमाग को अधिक नुकसान होता है और इसके साथ ही अल्जाइमर के सामान्य लक्षण, जैसे प्लाक्स और टेंगल्स की तेजी से वृद्धि होती है। एकपर्ट्स का कहना है कि अल्जाइमर का चुनौतीपूर्ण पहलू ये है कि अधिकांश ब्रेन डैमेज तब होता है जब लक्षण प्रकट भी नहीं होते।
लोगों पर हुआ इसका अध्ययन
जानकारी के अनुसार इस शोध में 84 लोगों के दिमाग का विश्लेषण किया गया और इसका परिणाम नेचर न्यूरोसाइंस में प्रकाशित हुआ है। इसमें पता चला कि एक खास प्रकार का सेल, जिसे इनहिबिटरी न्यूरॉन कहते हैं अल्जाइमर रोग के पहले चरण में सबसे अधिक प्रभावित होता है। इसके अलावा इससे होने वाले नए परिवर्तनों के बारे में पता लगाया गया।
शोधकर्ताओं द्वारा दिमाग के मिडिल टेम्पोरल गायरस हिस्से का अध्ययन किया गया। ये भाषा, मेमोरी, नजर आदि को कंट्रोल करता है। उन्हें समझ आया कि अल्जाइमर का प्रभाव धीरे-धीरे शुरू होता है, जिसमें दिमाग के इम्यून सिस्टम की सक्रियता और न्यूरॉन्स के सेल्स की मृत्यु जैसे बदलाव शामिल होते हैं। दूसरे चरण में पाया गया कि इसमें मेमोरी से जुड़ी समस्याएं और अन्य लक्षण प्रकट होते हैं और ये अधिक तेजी से दिमाग को प्रभावित करता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
