गर्मी इतनी ज्यादा पड़ रही है कि बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में इस गर्मी के चलते बहुत से लोग लू लगने से अपनी जान भी गवां चुकें है। ये आंकड़ा दिनोदिन बढ़ता ही जा रहा है। वहीँ हम सब हर साल यही कहते हैं कि भई इस बार गर्मी ज़्यादा पड़ गई. पर फिर नया साल आता है और पुराने सारे रेकॉर्ड्स टूट जाते हैं. खैर गर्मी तो बढ़ती ही जा रही है. अब ऐसे में जितना मन करे घर में रहने का, लेकिन बाहर तो निकलना ही पड़ता है। हर कोई घर में AC या कूलर चलाकर तो नहीं बैठ सकता है। वहीँ तेज़ गर्मी में निकलने से या ज़्यादा देर तक गर्मी में रहने से लू लग जाती है। और वैसे भी अब तो लू का ही मौसम चल रहा है। ऐसे में ये कितना खतरनाक इसका अंदाजा तो तापमान देख कर ही लग जाता है। लेकिन कभी आपने सोचा है की आखिर लू लगने से जान कैसे चली जाती है। तो चलिए आज आपको यही बताते हैं।

आपको बता दें गर्मी बढ़ती जा रही है। ऐसे में ज़्यादा हीट होने से या ज़्यादा समय तक हीट में रहने से शरीर का तापमान उसे अडजस्ट नहीं कर पाता है। वहीँ शरीर में मौजूद पसीने की वजह से शरीर गर्मी को झेल पाता है, लेकिन अगर आप ज़्यादा धूप में रहते हैं या ज़्यादा देर तक रहते हैं तो शरीर वो गर्मी झेल नहीं पाता। इसी के कारण शरीर को नुकसान होता है। इसमें शरीर एकदम थक जाता है, शरीर में ऐंठन होती है, कभी-कभी इंसान बेहोश भी हो जाता है, शरीर डीहाइड्रेट हो जाता है, पसीना निकलना बंद हो जाता है इसलिए शरीर से गर्मी बाहर निकल नहीं पाती है।

अब जानते हैं कि लू लगने से मौत कैसे हो जाती है।

अगर गर्मी 40 डिग्री सेल्सियस से पार है और आप इसमें लंबे समय तक रहते हैं, तो उससे सनस्ट्रोक या हीटस्ट्रोक हो सकता है जिसे लू लगना कहते हैं। इसमें शरीर के ज़रूरी अंगों पर असर पड़ता है। जैसे ब्रेन, दिल, लिवर, किडनी और मांसपेशियां।वहीँ सबसे ज़्यादा असर किडनी पर पड़ता है, क्योंकि शरीर से पानी निकल जाता है। शरीर डीहाइड्रेट हो जाता है। ऐसे में पेशाब होना एकदम बंद हो जाता है। लू लगने पर इंसान बेहोश हो जाता है। वहीं ज्यादा गर्मी की वजह से शरीर का तापमान अचानक तेजी से बढ़ने लगता है। पसीना उस हिसाब से नहीं निकल पाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता है. इस दौरान 10 से 13 मिनट के भीतर ही शरीर का तापमान 106°F से ज्यादा हो जाता है। इस वजह से हीट स्ट्रोक आता है और कई मामलों में व्यक्ति की मौत तक हो जाती है।

लू लगने के लक्षण क्या हैं

शरीर एकदम गर्म और लाल हो जाता है, स्किन एकदम ड्राई हो जाती है, पसीना एकदम बंद हो जाता है, हाथ-पैरों में ऐंठन होने लगती है, चक्कर आने लगते हैं, दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है, सांस तेज़ चलने लगती है।

अब जानते हैं लू से कैसे बचें

अच्छी मात्रा में पानी पिएं, फ्रूट जूस पिएं, खीरा, तरबूज़, अनार खाएं, ज़्यादा गर्मी में ज़्यादा समय तक रहना अवॉइड करें। थोड़े ठंडे तापमान में रहें, कम और पतले कपड़े पहनें, ताकि पसीना निकलता रहे और शरीर से गर्मी निकलती रहे।

अब अगर लू लग गई है तो क्या कर सकते हैं

इसके लिए जितना जल्दी हो सके छांव में जाएं, शरीर पर गीला तौलिया लपेटें, टब में पानी भरकर उसमें बैठें, आँख और पीठ पर बर्फ़ लगा सकते हैं, अगर AC है तो उसमें बैठें। वहीं अगर डीहाइड्रेशन है तो अस्पताल जाएं, वहां नसों के अंदर सलाइन डाला जाता है, हाइड्रेशन थेरेपी दी जाती है। जब शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का बैलेंस खराब हो जाता है, तब सोडियम, पोटाशियम, क्लोराइड, मैग्नीशियम, कैल्शियम दिया जाता है, इमरजेंसी में शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट का बैलेंस ठीक करना बेहद ज़रूरी है, नहीं तो लू लगना जानलेवा हो सकता है।

लू लगना कितना ख़तरनाक हो सकता है, ये तो आपको समझ में आ ही गया होगा. ये आपके ज़रूरी अंगों की ऐसी की तैसी कर सकती है। इसलिए बताए गए टिप्स को फॉलो करें, बचकर रहें, ध्यान रखें।

By tnm

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