गर्मी के मौसम माँ हर कोई आम खाना पसंद करता है। लेकिन इनदिनों मार्किट में आमों को नेचुरल तरीके से नहीं बल्कि केमिकल की मदद से पकाया जा रहा है। दरअसल आम खाने के शौकीन अब थोड़ा सावधान हो जाएँ। हो सकता है कि आप जो आम खा रहे हों वह जहर में डूबा कर पकाया गया हो। यहां जहर का मतलब कैल्शियम कार्बाइड (Calcium carbide) से हैं। जो सेहत को काफी नुकसान पहुंचाता है।
कैल्शियम कार्बाइड सेहत के लिए खतरनाक
बता दें बाजार में बिकने वाले ज्यादातर आम कैल्शियम कार्बाइड के प्रयोग से ही पकाए जा रहे हैं। बाग से आए कच्चे हरे आमों को व्यापारी कैल्शियम कार्बाइड के घोल में डुबाते हैं और फिर कुछ देर तक छोड़ कर निकाल लेते हैं। ये इतना प्रभावशाली है कि सिर्फ थोड़ी देर के लिए डूबाकर निकालने के 12 से 15 घंटे में आम पक जाते हैं। यहाँ आपको जानकर हैरानी होगी कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) कैल्शियम कार्बाइड से फलों को कृत्रिम रूप से पकाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। बावजूद इसके व्यापारी धडल्ले से इसका यूज़ कर रहे हैं।
आखिर क्या कैल्शियम कार्बाइड के नुकसान
आपको बता दें आम को पकाने के लिए जिस कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल हो रहा है, उसमें आर्सेनिक औऱ फास्फोरस जैसे हानिकारक रसायन होते हैं। ऐसे पकाए गए फल खाने से स्किन के अल्सर जैसी गंभीर समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है। वहीँ ये कैंसर का रूप भी ले लेता है। इसके लंबे समय तक सेवन से किडनी और लीवर भी खराब हो सकते हैं। कैल्शियम कार्बाइड के इस्तेमाल पर साल 2011 से बैन लगा हुआ है। बावजूद इसके इसका यूज़ किया जा रहा है।
किस तरह से करें पहचान
आमों पर काले और सफेद धब्बे नजर आ सकते हैं
आम देखने में बेहद खूबसूरत लगते हैं।
यह दूर से ही आपको आकर्षित करते हैं।
देखने में साफ़ लगते हैं
