जालंधर के स्थानीय होटल में नीमा फीमेल फोरम की ओर से मासिक सीएमई का आयोजन किया गया। इस सीएमई का आयोजन नीमा फीमेल फोर्म की प्रेजिडेंट डॉ. रीना कक्कड़ की देखरेख में हुआ।

मंच का संचालन डॉ. अशम सहगल ने बहुत अच्छे से किया। सीएमई की शुरुआत धन्वंतरि पूजन के साथ हुई।

इसके बाद डॉ. रीना कक्कड़ ने आए हुए सभी नीमा सदस्यों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कोषाध्यक्ष डॉ. वंदना यश ने विशेष रूप से योगदान दिया।
डॉ. जसलीन रंधावा ने दी अहम जानकारी
इस सीएमई में मुख्य वक्ता के तौर पर डॉ. जसलीन रंधावा शामिल हुई। उन्होंने गर्भवस्था संबंधी एक विशेष विकार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसमें माता और गर्भ में पल रहे शिशु के ग्रूप में विभिन्नता पाई जाती है यह आगे जाकर गर्भ को नुकसान पहुंचा सकती है। यदि मां का ब्लड ग्रूपRH नेगेटिव हो और शिशु का पॉजिटिव हो तो ऑटो इम्यून डिसऑर्डर हो जाता है। इसके लिए Anti D दवाईयों के प्रयोग के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये 28 हफ्तों में दिया जाता है।इसके बाद डॉक्टर जसलीन ने प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्त बहाव की जानकारी तथा उपचार में प्रयुक्त दवाओं तथा आधुनिक चिकित्सा पद्धति के बारे में जानकारी प्रदान की। डॉ. जसलीन ने नीमा सदस्यों के सभी प्रश्नों का उत्तर अच्छी तरह से दिया।

इसके बाद आए हुए सभी मुख्य वक्ताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अंत में डॉ. प्रिया गुप्ता ने आए हुए सभी नीमा सदस्यों का तहे दिल से धन्यवाद किया।

ये डॉक्टर्स रहे मौजूद
इस सीएमई में डॉ. अंजू विशिष्ट, डॉ. जसलीन सेठी, डॉ. सुनीता नागरथ, डॉ. नमीता जग्गी, डॉ. सुनिता यादव, डॉ. नमिता जग्गी, डॉ. बनीता चौधरी, डॉ. सीमा पाठक, डॉ. मीना सैनी, डॉ. सुमन शर्मा, डॉ. रीना मल्हौत्रा, डॉ. अनुपमा सूद, डॉ. परविंदर बजाज, डॉ. अनिल नागरथ, डॉ. राजीव धवन, डॉ. विशाल भनोट, डॉ. विपुल कक्कड़, डॉ. दिनेश जग्गी, आरोग्यम अस्पताल से डॉ. रुपिंदर सैनी तथा मोनिका भल्ला विशेष तौर पर उपस्थित हुए।

