डेयरी पशुओं और भैंसों जैसे जानवरों में होने वाली बीमारी लम्फी स्किन डिजीज (LSD) का खतरा कम होने की उम्मीद अब काफी बढ़ चुकी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत बायोटेक ग्रुप की कंपनी बायोवेट ने लम्पी स्किन वायरस से लड़ने की एक नई वैक्सीन लॉन्च की है। इसके बारे में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को विजयवाड़ा में बताया और इस वैक्सीन को लॉन्च किया।
Biolumpivaxin रखा गया वैक्सीन का नाम
इस वैक्सीन का नाम बायोलम्पीवैक्सीन (Biolumpivaxin) रखा गया है। इसको आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में आयोजित पशुधन समृद्धि सम्मेलन के दौरान लॉन्च किया गया है। सीएम नायडू ने लॉन्चिंग के दौरान यह भी कहा है कि वैक्सीन के इफेक्टिव रोलआउट के लिए सभी मानक ईमानदारी करने चाहिए। इससे राज्य का पशुधन विकास प्लान में 20% इजाफा होगा। इसके साथ ही डेयरी उद्योग को भी इससे फायदा मिलेगा।
दो बार फैल चुका है एलएसडी का प्रकोप
पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों की मानें तो भारत में एलएसडी का प्रकोप दो बार फैल चुका है। पहली बार इस बीमारी का कहर 2019 में नजर आया था वहीं दूसरी बार यह बीमारी 2022 के दौरान फैली थी। इन दोनों आउटब्रेक के दौरान करीब 2 लाख पशुओं की मौत हो गई थी। वहीं लम्पी स्किन डिजीज के कारण लाखों पशु दूध उत्पादन की अपनी क्षमता खो बैठे थे। आपको बता दें कि फरवरी 2025 के दौरान कंपनी को नेशनल ड्रग रेगुलेटर (CDSCO) से इस वैक्सीन को मार्केट में बेचने का अप्रूवल मिला था। कंपनी ने दावा किया है कि बायोलम्पीवैक्सीन पशुओं को इंफेक्शन से बचाने वाली दुनिया की पहली वैक्सीन है। इससे बीमारी पर नजर रखने में आसानी होगी क्योंकि वैक्सीन लगाने के बाद एक्सपर्ट्स वैक्सीनेटेड और संक्रमित पशुओं में अंतर देख पाएंगे।
इतने तापमान पर किया जा सकता है स्टोर
कंपनी ने यह कहा कि यह लाइव अटेनुएटेड मार्कर वैक्सीन है। इसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (आईसीएआर-एनआईसीई) हिसार ने बायोवेट के साथ मिलकर तैयार किया जिसके लिए एलएसडी वायरस/रांची/2019 वैक्सीन स्ट्रेन का इस्तेमाल हुआ है। सभी उम्र के पशुओं और भैंसों को लम्पी वायरस से बचाने के लिए यह वैक्सीन साल में एक बार लगानी होगी। मल्टी डोज वायल में मौजूद इस वैक्सीन की एक वायल में 25 से 100 तक डोज होती है। इन्हें 2 से 8 डिग्री सेंटिग्रेड तापमान पर स्टोर किया जा सकता है।
