भारत अब कोरोना के बाद डेंगू को मात देने की दिशा में बड़ी कामयाबी की ओर बढ़ रहा है। जैसे Covaxin ने कोविड के खिलाफ लोगों को सुरक्षा दी, उसी तरह अब एक देसी डेंगू वैक्सीन ‘DengiAll’ लाखों-करोड़ों जिंदगियों को राहत दे सकती है। फिलहाल ये टीका तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल में है और इसके अब तक के नतीजे बेहद उत्साहजनक बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल के मीड तक ये वैक्सीन बाजार में आ सकती है।
एक फेज और दो ट्रायल रहे सफल
डॉ. बलराम भार्गव जो कि ICMR के पूर्व महानिदेशक और कोविड वैक्सीन निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले है, ने कोलकाता के साइंस सिटी में वैक्सीन पर एक प्रदर्शनी के दौरान बताया कि ‘DengiAll’ ये देसी वैक्सीन पैनासिया बायोटेक और आईसीएमआर के सहयोग से बनाई जा रही है। इसका फेज 1 और 2 ट्रायल सफल रहा है और अब 10,335 लोगों पर इसका तीसरा चरण चल रहा है। ये 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 19 केंद्रों पर किया जा रहा है।
डेंगू से हर साल लाखों लोगों की मौत
मानसून के टाइम में हर साल डेंगू देश के कई हिस्सों को चपेट में ले लेता है और उनमें खासकर है- बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु। इसलिए अगर ये वैक्सीन सफल होती है तो ये एक गेम चेंजर की तरह हो सकता है।
Tetravalent Dengue Vaccine
आपको बता दें कि ये वैक्सीन अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) से मिली टेट्रावेलेंट डेंगू वैक्सीन स्ट्रेन (TV003/TV005) के आधार पर विकसित की जा रही है। फिलहाल भारत में वैक्सीन विरोधी सोच को फिलहाल कोई राजनीतिक सपोर्ट नहीं मिला है, जो कि एक राहत की बात है। साथ ही सरकार चाहती है की अगस्त तक ब्रेस्ट, ओरल और सर्वाइकल कैंसर के लिए भी वैक्सीन लॉन्च करी जाए ताकि 9 से 16 साल की लड़कियों को फायदा हो सके। इन सब चीज़ों से पता चल रहा है कि भारत अब बीमारियों से तो लड़ ही रहा है और साथ ही हेल्थ साइंस में ग्लोबल लीडरशिप की ओर भी बढ़ रहा है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
