अगर मैं कहूं कि आज के समय में किसी का ब्रेकअप हुआ है तो ये कोई बड़ी बात नहीं है। रिश्ता टूटना और अगले ही पल एक नए इंसान के साथ रिश्ते में चले जाना एक आम बात हो गई है, लेकिन आज के समय में भी कुछ लोग हैं जो कभी अपने प्यार को खोने का ख्याल भी मन में नहीं ला पाते और ऐसे लोगों का ब्रेकअप होता है तो वे सहन नहीं कर पाते।

ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया है। जहां ब्रेकअप के बाद 25 साल की एक लड़की अपाहिज हो गई। ये खबर बताती है कि किस तरह मेंटल इलनेस, फिजिकली अफेक्ट कर सकती है। आपको बता दें कि इस केस की जानकारी X पर हैदराबाद के डॉक्टर सुधीर कुमार एमडी डीएम ने शेयर की है।

जानें पूरा मामला

डॉ. ने बताया कि मिरियम (बदला हुआ नाम) कनाडा के एक प्रमुख संस्थान में एक ब्राइट ग्रेजुएट स्टूडेंट थी। 6 महीने पहले तक सब ठीक था, फिर उसने चलने में कठिनाई की शिकायत की। मिरियम को पैर में कमजोरी महसूस हुई और ये समय के साथ बढ़ती जा रही थी। पहले तो डॉक्टर को ये नॉर्मल लगा, लेकिन जब स्थिति गंभीर हो गई और वे व्हीलचेयर तक पहुंच गई, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए।

महीनों बाद चला पता

रेगुलर चेकअप के बावजूद वजह का महीनों बाद पता चला। ब्लड टेस्ट से लेकर एनसीएस/ईएमजी और एमआरआई सभी जांच नॉर्मल थे। लेकिन इसी के दौरान उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। आपको बता दें कि पांचवें महीने तक वे व्हीलचेयर पर आ गई, क्योंकि वे बिना सहारे के कुछ कदम भी नहीं चल पाती थी।

Functional Neurological Disorder

इन सब चीज़ों के बाद फंक्शनल न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर (FND) पर डॉक्टर्स की सहमति बनी। आपको बता दें कि ये एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें ब्रेन अपने सिग्नल को सही तरीके से भेजने और प्राप्त करने में फेल हो जाते हैं और फिर नर्वस सिस्टम स्ट्रोक या ट्यूमर के बिना फिजिकल लक्षण पैदा होने लगते हैं। वहीं, ये बीमारी मानसिक तनाव या मानसिक कारकों के कारण हो सकती है, लेकिन यह पूरी तरह से एक मानसिक विकार नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि ये लक्षण एक मानसिक आघात (ब्रेकअप) के बाद पैदा हुए और इस महिला का ब्रेकअप एक ऐसे व्यक्ति से हुआ, जिसे उसके परिवार ने स्वीकार नहीं किया।

मनोवैज्ञानिक असर और शारीरिक लक्षण

आपको बता दें कि इसमें कोई भी दूसरी राय नहीं है कि मानसिक तनाव शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। इससे ये पता लगता है कि जब हम रिश्तों और मानसिक तनाव की बात करते हैं, तो यह केवल मानसिक स्थिति तक सीमित नहीं रहता। फिलहाल लड़की पूरी तरह से ठीक है, लेकिन ये याद रखना जरूरी है कि किसी भी तरह के स्ट्रेस को दबाए रखना गंभीर परिणाम दे सकता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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