वेटरन एक्टर मनोज कुमार को हर कोई जानता है, उन्होंने पूरब और पश्चिम, क्रांति जैसी देशभक्ति फिल्मों में यादगार रोल निभाएं हैं, वहीं उनका निधन 87 साल की उम्र में निधन हो गया। आपको बता दें कि उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूबाई अंबानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां दिल से जुड़े कॉम्पलिकेशंस के कारण उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल द्वारा मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया गया, जिसमें मौत का दूसरा कारण डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस दर्ज है तो चलिए जानते हैं कि ये बीमारी कितनी खतरनाक है।

Decompensated Liver Cirrhosis

डॉ. विकास जिंदल जो कि कंसल्टेंट हैं डिपार्टमेंट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में, सीके बिड़ला, हॉस्पिटल, दिल्ली ने बताया कि डिकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस, लिवर की बीमारी का एक एडवांस्ड स्टेज है। इसमें क्रोनिक कंडीशन (सिरोसिस) से डैमेज हुआ लिवर जरूरी कामों को ठीक तरह से नहीं कर पाता। इसके अलावा डिकंपेंसेशन तब होता है, जब अंग कंपेंसेट करने में नाकाम रहता है और फिर सीरियस कॉम्पलिकेशंस हो जाते हैं। ये ऐसा हेपेटाइटिस, ज्यादा शराब के सेवन या फैटी लिवर डिजीज जैसी लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों की वजह से होता है।

इसके लक्षण

आपको बता दें कि इसके लक्षण शुरुआती स्टेज की तुलना में ज्यादा क्लियर हो जाते हैं। मरीजों को पीलिया, थकावट, रात को नींद न आना और बेहोशी की हालत होने का एहसास हो सकता है। दूसरे लक्षणों में आता है- आसानी से चोट लगना या खून बहना, पैरों में सूजन, हद से ज्यादा थकान और फटी हुई एसोफैगल वैरिकाज से खून की उल्टी आदि। जो लक्षण आपको यहां बताए गए हैं वे शरीर को डिटॉक्सिफाई करने, फ्लूइड को रेगुलेट करने या एसेंशियल प्रोटीन को प्रोड्यूस करने में लिवर की असमर्थता को दिखाते हैं।

Risk Factors

आपको बता दें कि डिकंपेंसेटेड सिरोसिस से जुड़े रिस्क जिंदगी के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। ऐसा होता है तो लिवर फेलियर की आशंका बढ़ जाती है, फिर अंग पूरी तरह से काम नहीं करता। इससे मरीज के पेट के पानी में इंफेक्शन, किडनी फेलियर और लिवर कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

Treatment

जानकारी के अनुसार डिकंपेंसेटेड सिरोसिस इर्रिवर्सिबल है, लेकिन ट्रीटमेंट, लक्षणों को मैनेज करने और आगे होने वाले नुकसान को रोकने पर फोकस कर सकता है। पेट के पानी में इंफेक्शन के लिए ड्यूरेटिक, बेहोशी की हालत के लिए लैक्टुलोज और इंफेक्शन के लिए एंटीबायोटिक्स डॉक्टर लिख सकते हैं। अगर आप शराब पीते हैं, खाने में नमक ज्यादा होता है तो इन सबसे आपको परहेज करना पड़ेगा और अपनी डाइट में हाई प्रोटीन शामिल कर लाइफस्टाइल चेंजे करनी होगी। इसके अलावा अगर मामला गंभीर है तो लिवर ट्रांसप्लांट इकलौता क्यूरेटिव ऑप्शन बन जाता है, लेकिन इस तरह का फैसला पेशेंट के ओवरऑल हेल्थ को देखकर ही लिया जाता है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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