आजकल बालों का झड़ना एक आम समस्या बन चुकी है, जो छोटे से लेकर बड़े तक सभी को प्रभावित कर रही है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले लड़के-लड़कियां भी अब इस समस्या से जूझ रहे हैं। पहले कुछ बाल गिरते हैं, फिर धीरे-धीरे बालों के गुच्छे गिरने लगते हैं, और इस कारण से कई लोग गंजे होने लगे हैं। जब बालों का झड़ना इतना बढ़ जाए कि वे फिर से न उगें, तो इसे हेयर लॉस की समस्या कहा जाता है। इसके लिए कई प्रकार के हेयर ग्रोथ ट्रीटमेंट आ चुके हैं, लेकिन कुछ लोग आयुर्वेद पर विश्वास करते हैं।
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क्या आयुर्वेदा बालों को वापस उगा सकता है?
इस सवाल का जवाब देने के लिए आयुर्वेदी डॉक्टर रेखा राधामोनी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में डॉक्टर रेखा ने हेयर लॉस की समस्या और उसके इलाज के बारे में पूरी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद कुछ स्थितियों में मदद कर सकता है, लेकिन कुछ मामलों में यह असंभव हो सकता है।
चिकनी और गंजे सिर पर बाल उगाना संभव नहीं
कई लोग जिनकी खोपड़ी एकदम चिकनी और चमकदार होती है, वे सोचते हैं कि आयुर्वेदा उनकी मदद कर सकता है। लेकिन डॉक्टर रेखा के अनुसार, शाइनी स्कैल्प पर फॉलिकल्स नहीं होते, जिन्हें रिवर्स नहीं किया जा सकता है। एक चिकनी खोपड़ी का मतलब है कि फॉलिकल्स पहले ही कमजोर हो चुके हैं और स्थायी रूप से खो गए हैं। ऐसे मामलों में आयुर्वेद से बालों को उगाना असंभव है। हालांकि, हेयर ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक तकनीक मदद कर सकती है।
आधी गंजी खोपड़ी का इलाज संभव
कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी खोपड़ी पूरी तरह से गंजी नहीं होती, लेकिन फिर भी स्कैल्प पर चमक होती है। डॉक्टर रेखा ने कहा कि अगर आपके सिर पर छोटे-छोटे बाल हैं तो इसका मतलब है कि आपके फॉलिकल्स निष्क्रिय हो गए हैं। ऐसे मामलों में आयुर्वेदी उपचार से निष्क्रिय फॉलिकल्स को सक्रिय किया जा सकता है और बालों को फिर से उगाया जा सकता है।
एलोपेसिया एरीटा का इलाज
एलोपेसिया एरीटा जैसी ऑटो इम्यून स्थितियां भी आयुर्वेदी उपचार से ठीक हो सकती हैं। इस स्थिति में बाल पैचेस में गिरते हैं और झड़ने के बाद छोटे और टेढ़े-मेढ़े बाल दिखाई देने लगते हैं। डॉक्टर रेखा ने बताया कि अगर आपके बालों के झड़ने के बाद छोटे-छोटे बाल आ रहे हैं, तो आयुर्वेद से इस स्थिति का इलाज किया जा सकता है।
आयुर्वेद और हाइपोथायरायडिज्म
कई लोग ऐसे होते हैं जिनके बाल स्कैल्प के बीच के हिस्से से झड़ने लगते हैं। डॉक्टर रेखा ने इस बारे में भी बताया कि हाइपोथायरायडिज्म या हाशिमोटो थायरॉयडिटिस के कारण बाल स्कैल्प के मिडल हिस्से से गिरते हैं। आयुर्वेदी उपचार से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
टेलोजन एफ्लुवियम
डॉक्टर रेखा ने बताया कि टेलोजन एफ्लुवियम एक ऐसी स्थिति है, जिसमें अत्यधिक तनाव, वजन घटने या बुखार की वजह से बाल अस्थायी रूप से झड़ते हैं। आयुर्वेदिक उपचार से इस स्थिति को जल्दी ठीक किया जा सकता है और बालों को फिर से उगाया जा सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
